सौरिख। क्षेत्र के सलेमपुर नगरिया गांव में तेरहवीं भोज में गए पेंटर के साथ उसके साथियों ने नशे की हालत में बेरहमी से लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। इलाज के लिए ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पेंटर की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम में सिर में चोट की बात सामने आई है।
सरैरिख थाना क्षेत्र के सलेमपुर नगरिया गांव निवासी सूरज (37) सौरिख कस्बे में सकरावा रोड पर दुकान रखकर वाहनों की डेटिंग पेंटिंग का काम करता था। गांव के ही संजीव की पिछले दिनों मौत हो गई थी। सोमवार शाम संजीव के घर आयोजित तेरहवीं संस्कार कार्यक्रम में आयोजित भोज में शामिल होने गया था। आरोप है कि दावत से पहले गांव के गिरंद, रामसिंह, हुसेपुर करन निवासी महेश व मुकेश ने उसको शराब पिलाई। नशे की हालत में कहासुनी हो गई। इस पर इन लोगों ने नशे की हालत में पेंटर की लाठी-डंडे व धारदार हथियार से हमला बोल दिया और मारपीट कर घायल कर दिया। घायल अवस्था में पेंटर पत्नी विमला के साथ बाइक से इलाज के लिए जा रहा था। रास्ते में सकरावा रोड पर नरहा पुलिया के पास उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक सचिन सिंह ने बताया कि पत्नी की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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फोटो:19: एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर ग्रामीणों को समझाते पुलिस कर्मी। संवाद
एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड के किनारे शव रखकर जताया विरोध
सौरिख। पेंटर की हत्या के मामले में पत्नी ने साथियों के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इससे नाराज परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज करने की मांग को लेकर अंतिम संस्कार करने से इंकार कर शव को एक्सप्रेसवे के सर्विस रोड पर रख दिया। जानकारी होने पर पहुंची पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। उसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
सौरिख थाना क्षेत्र के सलेमपुर निवासी सूरज (37) पुत्र दुर्जन की मौत के बाद थाने पहुंची पत्नी विमला देवी ने गांव के ही गिरंद, राम सिंह, हुसेपुर करन निवासी महेश व मुकेश पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की। तहरीर मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। रिपोर्ट दर्ज होने पर देरी होने से नाराज परिजनों ने शव को लाकर आगरा लखनऊ एक्सप्रेस की सर्विस लेन पर रख दिया। परिजनों की मांग थी कि जब तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसकी जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया। परिजन दर्ज रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध न होने तक अंतिम संस्कार को तैयार नहीं है। तब पुलिस ने पत्नी विमला देवी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कॉपी परिजनों को उपलब्ध करा दी। उसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
परिवार के भरण-पोषण का संकट
सूरज वाहनों की डेंटिंग पेंटिंग कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी मौत से मां रामरानी, पिता दुर्जन लाल, पत्नी विमला देवी, बेटी रिमझिम, वर्षा, कुमकुम, नंदिनी व पुत्र राज व अंश का रो-रोकर बुरा हाल था। पीड़ित पिता का आरोप है कि पुत्र की मौत के बाद बेसहारा हुए उसके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के साथ अब इनका भरण-पोषण कैसे होगा।