सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव सदिकापुर और अलियापुर गांव में दो दिन के अंदर
छह लोगों की मौत से हाहाकार मच गया है। घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की
चर्चाएं हैं। शनिवार को पूरे दिन गांव में दहशत फैली रही। अफसरों के वाहनों
के सायरन के साथ पुलिस के बूटों की धमक ही गूंजती सुनाई दी।
वहीं
ग्रामीणों में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के प्रति नाराजगी दिखी। मामले
की तह तक जाकर सच्चाई का पता लगाने एवं दोषियों को दंडित करने की बजाय
लीपापोती के प्रयासों को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा भी नजर आया। नाम न
छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि केमिकल युक्त शराब बनाकर गांव में
बेंची जाती है।
प्रत्याशियों ने चुनाव जीतने के चक्कर में सस्ती
दारू केमिकल के जरिए बनाकर बंटवाई। प्रशासन की ओर से शराब बंटवाने वालों के
खिलाफ समय रहते कोई कार्रवाई न करने से चुनाव के दो दिन पहले से ही दारू
बंटना शुरू हो गया। शराब के शौकीन युवाओं व अधेड़ों ने जमकर मुफ्त की शराब
पी।
ज्यादातर लोगों ने घरवालों से छुपाकर शराब पी थी, पर जब उनकी
हालत बिगड़ी तो सब सामने आ गया। उधर, इस घटना के बाद कई लोगों ने स्टाक में
रखी शराब फेंक दी है। गांव की नालियों में शराब की खाली बोतलें पड़ी हैं,
जो सारी दास्तां खुद बयां कर रही हैं। खास बात यह है कि दोनों ही गांव
पुलिस लाइन के पास में स्थित हैं।
इसके बावजूद यहां कटरी में गंगा
और काली नदी किनारे से लाई कच्ची शराब बेंचने का गोरखधंधा खूब फलता फूलता
है। सूत्रों की मानें तो मामले को रफादफा कराने में जुटे शराब माफिया व
सफेदपोश लोग ग्रामीणों को धमका रहे हैं। इस मामले से जुड़े तथ्यों की
जानकारी देने से ग्रामीणों को मना किया जा रहा है।