कन्नौज। मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर का प्रकोप जारी है। बुधवार को दिन की शुरुआत ठिठुरन के साथ हुई। हालांकि, दोपहर के समय बादलों की ओट से हल्की धूप जरूर निकली पर बर्फीली हवाओं के सामने वह बेअसर साबित हुई। न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री और अधिकतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
शीतलहर के चलते आम जनजीवन प्रभावित है। सुबह के समय दृश्यता कम होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार सुस्त रही और लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चलीं। शाम होते ही एक बार फिर कोहरे की चादर ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। सर्दी का असर बाजारों पर भी साफ देखा गया। चाय की दुकानों और मूंगफली के ठेलों पर लोगों की भारी भीड़ रही।
यह रहा सप्ताह भर का तापमान
तारीख न्यूनतम तापमान अधिकतम तापमान
01 जनवरी 2026 5.7 डिग्री 15 डिग्री
02 जनवरी 5.5 डिग्री 15 डिग्री
03 जनवरी 6.5 डिग्री 15 डिग्री
04 जनवरी 6 डिग्री 14 डिग्री
05 जनवरी 3.2 डिग्री 17.4 डिग्री
06 जनवरी 3.6 डिग्री 16.5 डिग्री
07 जनवरी 7.4 डिग्री 16.3 डिग्री
श्वांस, दमा, त्वचा रोगी बढ़े
सर्दी बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर त्वचा रोगी बढ़ रहे हैं। सीएमएस डॉ. शक्ति बसु का कहना है कि सर्दी में पानी कम पीने व शरीर से पसीना न आने की वजह से त्वचा रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए और पानी खूब पीना चाहिए। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 15 से 20 त्वचा रोगी आ रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल के डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि तेज सर्दी श्वांस, दमा रोगियों के लिए खतरनाक हो सकती है। ऐसे में सर्दी से बचाव करना बेहद जरूरी है। हृदय रोगियों को सर्दी में अधिक दिक्कत रहती है। इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।
सर्दी से बचने के लिए अलाव का सहारा
सर्दी से बचाव के लिए लोग अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं। जरूरी कामों से निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। वहीं सर्दी के बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव का सहारा ले रहे हैं।
वर्जन
बुधवार की सुबह कोहरा काफी घना रहा। बर्फीली हवाओं ने मौसम में ठंडक घोल दी है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान और गिरने की संभावना है। फसलों को पाला से बचाने के लिए किसानों को हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए।
-डॉ. अमरेंद्र कुमार, मौसम वैज्ञानिक