उमर्दा विकास खंड में 90 ग्राम पंचायतों में प्रधान
पद और 1180 सदस्यों के लिए शुक्रवार को चौथे चरण की नामांकन प्रक्रिया के
पहले दिन उम्मीदवारों की भीड़ उमड़ी। प्रधान पद के दावेदार गांव से
समर्थकों के साथ ट्रैक्टरों पर सवार होकर ब्लाक पहुंचे।
दावेदारों की भीड़
के चलते कस्बे के क्रांति चौराहे से लेकर डाकघर के सामने तक मुख्य मार्ग पर
पूरे दिन जाम लगा रहा। उमर्दा ब्लाक परिसर में नामांकन के लिए 13
काउंटर बनाए गए थे। सभी काउंटर पर एक एआरओ व दो कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई
थी। सुबह 10 बजे से नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत हुई।
इसके पूर्व पूरे
ब्लाक परिसर की बैरीकेडिंग करा दी गई थी। ब्लाक के मुख्य गेट पर आईटीबीपी
को लगाया गया। दूसरे गेट पर तिर्वा कोतवाली पुलिस तैनात थी। इस गेट से
सिर्फ प्रत्याशी व एक समर्थक को पूरी जांच के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा
था।
इस दौरान प्रभावशाली दावेदारों ने मुख्य गेट पर प्रवेश के लिए दबाव
बनाया तो आईटीबीपी के जवानों ने उनको खदेड़ दिया। परिसर में सभी काउंटरों
पर शाम पांच बजे तक भारी भीड़ लगी रही। कई ग्राम सभाओं के प्रभावशाली
दावेदार समर्थकों के हुजूम के साथ आए तो कुछ लोग चंद समर्थकों के साथ ही
ब्लाक परिसर पहुंचे।
जनखत से प्रधान पद के दावेदार यदुवंश
सिंह उर्फ गुट्टू एक दर्जन ट्रैक्टरों व एक दर्जन चौपहिया वाहनों के जुलूस
के साथ नामांकन को ब्लाक परिसर पहुंचे। ब्लाक गेट के बाहर समर्थकों ने जमकर
नारेबाजी की। उमर्दा, खानपुर, कुढ़िना, रामपुर बिनौरा, अगौस, मनिकापुर,
अहेर आदि कई ग्राम सभाओं से कई प्रभावशाली लोगों ने नामांकन दाखिल किए।
उधर, हसेरन विकास खंड में नामांकन के पहले दिन उम्मीदवारों की भारी भीड़
जुटी। ब्लाक परिसर के बाहर उम्मीदवारों के समर्थकों की भीड़ से मेले जैसा
माहौल नजर आ रहा था। ब्लाक परिसर में नामांकन के लिए आठ काउंटर बनाए गए थे।
इन आठ काउंटरों पर ब्लाक की 36 ग्राम पंचायतों के लिए प्रधान पद के
नामांकन होने हैं।
इसी तरह से 468 सदस्य पदों के लिए भी नामांकन हुए। शाम
पांच बजे तक प्रधान पद के लिए 271 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए।
नामांकन दाखिल करने को ग्राम पंचायत मोहद्दीनगर में प्रधान पद के दोनों
पैरों से विकलांग 28 वर्षीय अमृत कुमार ने नामांकन दाखिल किया। उसका
नामांकन पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा।
उधर, सुरक्षा के मद्देनजर सीओ
छिबरामऊ वीपी सोलंकी, एसओ इंदरगढ़ आरपी पांडेय, हसेरन चौकी प्रभारी
जयप्रकाश सिंह व आईटीबीपी जवान मौजूद थे।