फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भूकंप के झटकों से फिर मचा हड़कंप

Sun, 26 Apr 2015 11:38 PM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
विज्ञापन
विज्ञापन
भूकंप के लगातार दो झटकों ने दूसरे दिन भी नगर के जनमानस को झकझोर दिया। कंपन होते ही लोग परिजनों के साथ घर से बाहर की तरफ भाग निकले। लगभग आधा घंटा बाद लोगों ने फिर हल्का झटका महसूस किया। इसके बाद लोग घर के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। गली, घर के बाहर चबूतरों और पेड़ों की छांव में बैठकर किसी तरह धूप से बचते हुए समय बिताया।
विज्ञापन


 शनिवार दोपहर आए भूकंप के लगातार दो झटकों के बाद लोग दहशत में थे। इसके बाद नगरवासियों को अफवाहों ने परेशान कर दिया कि रात में भी भूकंप के झटके लगेंगे। जिससे लोग देर रात तक सो नहीं सके। गलियों में चहलकदमी करके रात गुजारी। नींद न पूरी होने से रविवार सुबह देर तक सोते रहे।

ग्यारह बजे के बाद तक लोग नित्यक्रिया में व्यस्त थे। इसी बीच लगभग 12.43 बजे फिर भूकंप के झटके लगे। इस पर लोग परिजनों के साथ घर से बाहर भागे। गलियों और सड़कों पर मजमा लग गया। मार्केट की सड़कों पर दुकानदारों की भीड़ जमा हो गई।  कुछ ही पलों में झटके शांत हो गए। इसके बाद भी लोग घर के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। करीब आधा घंटा बाद 1.11 बजे फिर झटके महसूस हुए।
विज्ञापन


इसके बाद लोगों में दहशत बढ़ गई। लोग बच्चों को अपने साथ ले लिए और गली-मोहल्लों में लगे पेड़ की छांव में बैठकर समय बिताया। उधर ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग सहमे हैं। लोग अधिकांश समय घर के बाहर खुले में बैठकर बिता रहे हैं। रविवार होने के कारण सरकारी विभाग और स्कूल, कालेज बंद थे। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों का कहना है कि सभी स्कूल दो-तीन मंजिला हैं। ऐसे में भूकंप के झटके लगने से बच्चों की चिंता ज्यादा होती है। रविवार को बच्चे घर में थे, इसलिए उन्हें अपने पास ही बैठाए रहे।    


ईंट का लेंटर चटका
मोहल्ला ऊंचा बिरतिया निवासी आजाद मोहम्मद की पत्नी राजदा बेगम बच्चों के साथ एक ही कमरे में रहती है। भय के चलते शनिवार रात उन्होंने बच्चों के साथ खुले में रात बिताई। रविवार दोपहर आए भूकंप के झटकों से उनके कमरे की ईंट का लेंटर कई जगह उखड़ गया। छज्जे में दरार आ गई। दीवारें भी कई जगह से चटक गईं। वहीं मोहल्ला बिरतिया में ही आफाक खान के मकान की दीवार भी कई जगह से चटक गई। नेहरू सदन के भवन में भी कई जगह दरारें पड़ी हैं। उधर प्रभात मार्केट में मार्डन टेलर की तीन मंजिला बिल्डिंग में मुख्य दरवाजे की दीवार  में लंबी दरार पड़ गई।  

परिजनों से फोन पर लेते रहे हालचाल  
नगर से जुड़े अधिकांश नौकरीपेशा लोग परिवार से अलग दूसरे शहरों में रहते है। दो दिन से लगातार भूकंप के झटके आने से घरवालों को उनकी चिंताए सताने लगी है। ऐसे में मामूली कंपन पर भी लोग अपने घरवालों को फोन मिलाकर उनका हालचाल जानने लगते है।

ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू हुए पूजापाठ
शनिवार को आए भूकंप की तस्वीरें मीडिया में देखने के बाद लोग दहशत में है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने पूजा-पाठ और मंदिरों में हवन-पूजन करना शुरू कर दिया है। रविवार को नगर से जुड़े कई ग्रामीण क्षेत्रों में हवन-पूजन का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें