नोट बंदी के चलते रुपयों का इंतजाम कर पाने में नाकाम चिकित्सक पिता को दिल पर पत्थर रख बेटी की शादी टालनी पड़ गई। तैयारी पर ही हजारों रुपये फुंक चुके थे, लेकिन मजबूरी आड़े गई। लड़के वालों की रजामंदी पर अब शादी अब मई-जून में होगी। लड़की सुरभि ने भी पापा के निर्णय को उचित बताया।
समधन नगर पंचायत क्षेत्र के लोहिया नगर में रहने वाले डॉ. विजय सिंह यादव की बेटी की शादी 27 नवंबर को ही थी। फर्रुखाबाद के ठंडी सड़क मोहल्ले से विनोद कुमार यादव अपने बेटे प्रदीप पाल की बारात लेकर आने वाले थे। डॉ. विजय सिंह ने गेस्ट हाउस, बैंडबाजा, टेंट सभी कुछ बुक करा लिया था। कार्ड भी बंट गए थे। लेकिन, नोट बंदी ने उनके किए-धरे पर पानी फेर दिया।
डॉ. विजय ने बताया कि उनका अकाउंट ग्रामीण बैंक में है और सुरभि का कोआपरेटिव बैंक गुरसहायगंज में। रुपये निकालने को दोनों कई बार बैंक गए। शादी का कार्ड, खाता नंबर, पासबुक की फोटो कापी, सभी कुछ बैंक में दिया, लेकिन ढाई लाख रुपये नहीं मिल सके। लड़के वालों को मजबूरी बताई तो वे शादी टालने को मान गए। बेटी सुरभि ने बताया, पापा ने बहुत प्रयास किया लेकिन इंतजाम नहीं हो सका।