तालग्राम। रोहली स्थित प्राचीन ऐतिहासिक मां जाहरा देवी मेला में भाद्र मास की पूर्णिमा और अंतिम शनिवार को श्रद्धालुओं ने मत्था टेक मन्नत मांगी। आस्था के चलते बारिश में भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। कन्या भोज के बाद मेले के समापन की विधिवत घोषणा प्रभारी ने की है।
मां जाहरा देवी मंदिर में बारिश के बीच पूरे दिन माता रानी के दर्शन करने वालों का तांता लगा रहा। भक्तों ने पूरी श्रद्धा तथा विश्वास से माता रानी के चरणों में मत्था टेककर मन्नत मांगीं। माता रानी के दर्शनों का पुण्य लाभ लेने के बाद लोगों ने मेले में खरीदारी की। महिलाओं से घरेलू उपयोग की वस्तुएं खरीदी, बच्चों ने मेले में झूले के साथ सर्कस का भी लुत्फ लिया। एसडीएम ज्ञानेंद्र द्विवेदी, तहसीलदार गिरीश चंद्र, नायब तहसीलदार रामप्रकाश ने मेला का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ मेला प्रभारी, सह मेला प्रभारी ध्रुव वर्मा, थाना प्रभारी निरीक्षक रंजना पांडेय आदि मौजूद रहे।
बीज और मिट्टी के बर्तन की मांग
बीज विक्रेता सतीश शाक्य, ओमप्रकाश ने बताया कि इस बार देसी बीज पालक, गाजर और मूली की ज्यादा मांग रही। राजस्थान, गुजरात, झारखंड, हरियाणा समेत कई दूसरे प्रांतों से आए लोगों ने जमकर बीज खरीदा। रामप्रकाश प्रजापति ने बताया कि मिट्टी के बर्तन मटकी दुधाड़ी आदि की भी डिमांड रहीं।
खूब बिके बेलन और बच्चों के खिलौने
लकड़ी दुकानदार गोविंद, नरेश शर्मा ने बताया कि मेले में सबसे ज्यादा लकड़ी के बने गृहस्थी के सामान की मांग रही, जिसमें सेरकिना, बेलन, पटा, खटिया के पाए, मूसर बच्चों के खिलौने की अच्छी बिक्री हुई। मवेशियों के सजावट के लिए घुंघरू, झालर, रंग-बिरंगे दुपट्टे व छोटे बड़ी घंटियों की खरीदारी हुई।
कन्या भोज कराया
मंदिर में कन्या भोज का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में कन्याओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मेला प्रभारी ने कन्याओं को दक्षिणा भी दी। हवन पूजन के साथ मेला का विधिवत समापन हुआ। एक माह से प्रज्ज्वलित हो रही मां की अखंड ज्योति को विराम दिया गया। मेला प्रभारी अवनेंद्र सिंह ने मेला समापन की विधिवत घोषणा की। इस दौरान पवित्र कुशवाह, अनिल कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।