कन्नौज। गांव में फायरिंग कर दहशत फैलाने के आरोपी ने अदालत में अपनी करतूत को कुबूल कर लिया। इस आधार पर अदालत ने उसे जेल में बिताई गई अवधि सात साल नौ महीना और सात दिन कैद की सजा सुनाई है। उस पर 15500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम अदा न करने पर उसे दस दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। दूसरे मामलों में भी अभियुक्त होने की वजह से वह अभी जेल में ही रहेगा।
मामला आठ साल पहले इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के मढ़पुरा का है। शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ल ने बताया कि मढ़पुरा में 16 मार्च 2016 की रात तीन बदमाशों ने फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। बदमाशों की गोली लगने से गांव निवासी कप्तान सिंह पुत्र हरदयाल जख्मी हुए थे। हांलाकि गांव के अलंकार दीक्षित, अवधेश चंद्र पाठक, अमित कुमार, राजवीर व प्रवीण पाठक ने बदमाशों को खदेड़ दिया था। खदेड़ते समय सतीश सविता के मकान के सामने ग्रामीणों ने दो बदमाशों भोला ठाकुर पुत्र राजपाल निवासी कैरदा थाना विशुनगढ़ और राहुल यादव पुत्र सरमन निवासी ग्राम सरफापुर थाना सौरिख को दबोच लिया था। एक बदमाश अमजद पुत्र जौहरी निवासी ग्राम उस्मानपुर थाना विशुनगढ़ मौके से भाग गया था।
पुलिस ने दोनों बदमाशों के पास से दो तमंचे व कारतूस और चोरी की बाइक बरामद की थी। गांव के अवधेश चंद्र पाठक पुत्र विजय शंकर पाठक की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। डेढ़ महीने बाद पांच मई 2016 को पुलिस ने भागे हुए बदमाश अमजद को भी गिरफ्तार कर लिया था। पकड़े गए बदमाशों ने भागे हुए बदमाश का नाम अन्नू राठौर पुत्र ओमपाल निवासी कैरदा गढ़ी थाना विशुनगढ़ बताया था। अमजद ने कोर्ट में अपना अपराध स्वीकार कर लिया और कम से कम दंड दिए जाने की गुहार लगाई थी।
इसी मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट-प्रथम के अपर सत्र न्यायाधीश इंद्रजीत सिंह ने अमजद को दोषी करार देते हुए जेल में बिताई गई अवधि सात साल नौ माह सात दिन कारावास की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। चोरी की बाइक बरामदगी में तीन साल का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना और आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम में छह माह का कारावास व 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक दूसरे मुकदमों में आरोपित होने की वजह कर अभी जेल में ही रहेगा।