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Kannauj News: सौ शैया अस्पताल का हाल बेहाल, दो चिकित्सकों के सहारे चल रही ओपीडी

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छिबरामऊ। सौ शैया अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है। बदलते मौसम में संक्रामक बीमारियां पैर पसार रहीं है। इसके बाद भी ओपीडी से चिकित्सक गायब रहते हैं। गुरुवार को महज दो चिकित्सकों ने विभिन्न रोगों से ग्रसित करीब 175 मरीजों को देखा।
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कहने को तो सौ शैया अस्पताल में इस समय सीएमएस समेत चौदह चिकित्सकों की तैनाती है। अस्पताल प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्य कर्मी अपनी मनमानी कर रहे हैं। किसी के भी आने और जाने का कोई समय निश्चित नहीं है। ओपीडी में भी इन चिकित्सकों के चेहरे कभी कभार ही नजर आते हैं। गुरुवार को हालत यह थी कि ओपीडी में डाॅ. गौरव शाक्य व डाॅ. सुचि वर्मा अकेले मोर्चा संभाले हुए दिखीं, जबकि 175 मरीजों ने ओपीडी में दिखाने के लिए पंजीकरण कराया था। डाॅ. गौरव शाक्य ने बताया कि खांसी, जुकाम, बुखार, इलर्जी, पेट दर्द, गैस समेत विभिन्न रोगों से ग्रसित करीब 150 मरीजों को रोग के अनुसार उनके द्वारा दवा दी गई। महिला मरीजों को डाॅ. सुचि वर्मा ने देखा। साथ ही 31 गर्भवती महिलाओं का सोनोलॉजिस्ट डाॅ. महेश विश्वकर्मा ने अल्ट्रासाउंड कर परामर्श किया। चिकित्सकों की कमी के कारण दोपहर दो बजे तक मरीज घंटों लाइन में पहले दिखाने के चक्कर में धक्का मुक्की करते रहे।


इनसेट
इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की है तैनाती

सौ शैया अस्पताल में सीएमएस एवं सर्जन के अलावा डाॅ. सुनील कुमार सिंह, एमडी चेस्ट फिजीशियन संतोष मिश्रा, एनेस्थीसिया विशेष डाॅ. विपिन सचान व आकांक्षा गुप्ता, पैथोलॉजिस्ट डाॅ. जय विजय तिवारी, ईएनटी डाॅ. धीरेंद्र प्रताप अहिरवार व डाॅ. मोहम्मद अली, सोनोलॉजिस्ट डाॅ. महेश विश्वकर्मा, महिला रोग विशेषज्ञ डाॅ. शुचि वर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. अविनाश गुप्ता की तैनाती है। इसके अलावा सीएचसी के डाॅ. कुलदीप सिंह, डाॅ. हसीब, डाॅ. अमित व गौरव शाक्य को सौ शैया अस्पताल से अटैच किया गया है। इनमें डाॅ. कुलदीप सिंह, डाॅ. हसीब, डाॅ. अमित व डाॅ. संतोष मिश्रा को अक्सर इमरजेंसी में ड्यूटी करते हुए देखा जा सकता है। इसके अलावा अन्य चिकित्सक केवल सौ शैया अस्पताल के उपस्थित रजिस्टर में ही दिखाई पड़ते हैं। अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में इनके चेहरे कभी कभार ही नजर आते हैं। इस संबंध में सीएमएस डाॅ. सुनील कुमार सिंह का कहना है कि रोस्टर के मुताबिक चिकित्सकों की ड्यूटी लगती है। अन्य दिनों में किसी भी चिकित्सक को अस्पताल छोड़ कर जाने की अनुमति नहीं है।
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