छिबरामऊ। अस्पताल आने वाले हृदय रोगियों को आपातकालीन स्थिति में तत्काल इलाज मिलना चाहिए। यह निर्देश मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. सुनील कुमार सिंह ने शुक्रवार को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हृदय रोगियों की ईसीजी जांच से लेकर इलाज तक में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएमएस ने इमरजेंसी वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों को सर्दी के मौसम में राहत प्रदान करने के लिए प्रत्येक बेड पर लगातार रूम हीटर चलाने का आदेश दिया। उपकरणों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने और किसी भी उपकरण को संक्रमित न होने देने की हिदायत दी गई। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि हर मरीज का पूरा ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज हो, जिसमें उसकी बीमारी, दिए गए इंजेक्शन और दवाओं का विवरण शामिल हो। यह जानकारी अगली शिफ्ट के कर्मचारियों के लिए सहायक होगी।
सीएमएस ने सीने में दर्द से संबंधित मरीजों के अस्पताल पहुंचते ही तत्काल उपचार की व्यवस्था करने पर जोर दिया। ऐसे मरीजों को तुरंत स्टेमी केयर रूम में शिफ्ट किया जाएगा। उनकी ईसीजी रिपोर्ट को व्हाट्सएप स्टेमी नेटवर्क ग्रुप पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद कार्डियोलॉजिस्ट के निर्देशानुसार मरीज को उपचार देना सुनिश्चित किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान, सीएमएस ने सुरक्षा कर्मियों को भी ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्हें गंभीर मरीजों को वार्ड तक पहुंचाने में तीमारदारों की सहायता करने के लिए कहा गया। सीएमएस ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अस्पताल आने वाले मरीजों को परेशानी की शिकायत मिलती है, तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान डॉ. अविनाश गुप्ता, स्टॉफ नर्स अर्चना, वंदना, हेल्प डेस्क मैनेजर अतुल सिंह, वार्ड ब्वॉय मयंक यादव और अमित सिंह भी मौजूद रहे।