नोट बंद करने के अचानक आए फैसले से हर कोई प्रभावित तो जरूर नजर आ रहा है। जिले में तमाम परिवार ऐसे भी हैं, जहां पर पिछले कई महीनों से परिवार के लोग शादी तैयारियों में जुटे हुए थे। लेकिन अब आभूषण से लेकर विवाह की अन्य खरीददारी अधर में लटकती नजर आ रही है। छोटे नोटों के लिए भी एक-दूसरे से संपर्क किया जा रहा हैं। ऐसे में शादी और अन्य समारोह होने, न होने की चिंता सता रही है।
शहर के मोहल्ला शेखाना निवासी शाद नूरुल सिद्दीकी का कहना है कि उनकी बहन का निकाह 25 को है। शादी में तमाम खरीददारी करने के लिए आलू, मक्का की फसल बेचकर और सगे-सबंधियों से मदद लेकर धनराशि जुटाई थी, लेकिन अब नोट बदलने में समस्या आएगी। आरिफ ने कहा कि उनके लड़के-लड़की का निकाह 11 नवंबर को होना तय है। इतने कम समय में सौ या पचास के नोट नहीं जुटा पाएंगे। यह सोचकर परेशान हैं। उन्होंने सरकार से मांग रखी कि इसके लिए कोई रास्ता निकाला जाए।
ताकि आम जन मानस इस कठिनाई के दौर से बाहर निकल सके। हालांकि सभी ने प्रधानमंत्री के एक हजार और पांच सौ के नोट बंद किए गए फैसले का स्वागत किया। शहर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी मो.आकिब जावेद का कहना बुधवार को एचडीएफसी में धनराशि निकालने के लिए पहुंचे। तब उनको बैंक बंद होने की जानकारी मिली। उनका कहना था कि उनको परचून सहित अन्य सामान की खरीददारी करनी है। फुटकर सामनों की खरीददारी में चेक से भुगतान भी नहीं किया जा सकता है।