कन्नौज। शहर की गल्ला मंडी पुलिस चौकी में दो जून की रात हुए विवाद की जांच रविवार से शुरू हो गई है। घटना के नौ दिन बाद कानपुर देहात की टीम ने रविवार को यहां पहुंच कर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई। हालांकि घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के छुट्टी पर होने से उनका बयान नहीं लिया जा सका। टीम इस मामले में फिर से आएगी।
मंडी चौकी में हुए विवाद में पुलिस की ओर से सांसद सुब्रत पाठक सहित 10 लोगों पर नामजद और 40-42 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मंडी चौकी प्रभारी हाकिम सिंह की तहरीर पर दर्ज हुई रिपोर्ट में बताया गया था कि उन्नाव के औरास थाने की दबिश के बाद अपहरण के आरोपियों को छुड़ाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस से झड़प की। कार्यकर्ताओं के बुलावे पर सांसद सुब्रत पाठक ने भी मंडी पहुंच कर पुलिस से अभद्रता करते हुए धक्कामुक्की और मारपीट की थी। इस मामले में सांसद ने पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया था। मामला सुर्खियों में आने पर जिला प्रशासन की मांग पर कानपुर एडीजी ने इसकी जांच कानपुर देहात के एएसपी को सौंपी थी। उसी मामले में रविवार को पहली बार यहां जांच टीम पहुंची। अकबरपुर के एसएचओ अनिल कुमार की अगुआई में स्पेशल टीम पर प्रभारी प्रवीन कुमार, एसआई राकेश बहादुर और सुरेंद्र आए। सबसे पहले सदर कोतवाली पहुंचकर कोतवाल अजय अवस्थी से मुलाकात की और एफआईआर से जुड़ी जानकारी ली। उसके बाद मंडी में घटना स्थल का मुआयना किया। उसके बाद एसपी कुंवर अनुपम सिंह से मुलाकात कर घटना से जुड़ी जरूरी जानकारी ली। हालांकि एफआईआर दर्ज करवाने वाले चौकी प्रभारी हाकिम सिंह और घटना के दौरान मौजूद पुलिस कर्मियों के अवकाश पर होने की वजह कर उनका बयान नहीं लिया जा सका। टीम ने हालांकि कोई बयान नहीं दिया, लेकिन बताया कि जांच के सिलसिले में अभी कई बार आना होगा। जांच की प्रक्रिया शुरू होने से इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।