प्रदेश में दूसरा स्थान मिलने पर प्रमाण पत्र के साथ अधिकारी व कार्यशाला में मौजूद जिलाधिकारी राक?
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कन्नौज। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान व तंबाकू उत्पादों का उपयोग रोकने में कन्नौज ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। सिगरेट व अन्य तंबाकू अधिनियम (कोटपा) के क्रियान्वयन का आकलन डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय व यूपी वालेंटरी हेल्थ एसोसिएशन लखनऊ ने प्रदेश के सभी जिलों में कराया। सोमवार को शहर के एक निजी होटल में हुई कार्यशाला में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक ने दूसरा स्थान मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को सराहा। कहा कि और बेहतर तरीके से काम करने की जरूरत है।
जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा ने कार्यशाला का फीता काटकर व दीप जलाकर शुभारंभ किया उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति व प्रेरणा से तंबाकू सेवन पर अंकुश लगाया जा सकता है। तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि तंबाकू सेवन के प्रति लोगों में बदलाव की जरूरत थी। इसमें बहुत बड़ा बदलाव हुआ है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.कृष्ण स्वरूप ने कहा कि हर कोई धूम्रपान के दुष्परिणाम जानता है। फिर भी लोग तंबाकू का सेवन व धूम्रपान करते हैं। सरकारी अस्पतालों में तंबाकू छोड़ने वालों के लिए अलग से काउंसलर नियुक्त किये गए हैं। जिले में कोटपा अधिनियम का उल्लंघन करने वालों की धरपकड़ और जुर्माना वसूलने की कार्रवाई तेज की जाएगी।
इस मौके पर तंबाकू नियंत्रण टीम के नोडल अधिकारी डॉ.राम मोहन तिवारी, रीजनल कोआर्डिनेटर पुनीत कुमार श्रीवास्तव, डीपीएम दीपक राय, जिला सलाहकार डॉ.रवि प्रताप सिंह, सोशल वर्कर पियूषा दुबे, काउंसलर महेंद्र प्रताप सिंह, डीईओ अर्पित मिश्रा, ऑक्सफोर्ड शिक्षा प्रसार संस्थान के सचिव राजवर्धन शुक्ला सहित अन्य मौजूद रहे।
क्या हैं कोटपा की धाराएं
धारा चार के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, गुटखा आदि खाना मना है। तंबाकू का इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर अधिकतम 200 रुपये के चालान का प्रावधान है। सार्वजनिक स्थानों व सरकारी कार्यालयों आदि में इस आशय का बोर्ड लगाना जरूरी है। धारा छह ए के तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चे को तंबाकू उत्पाद बेचना और उसके बिक्री करना मना है। धारा छह बी- में स्कूल-कालेज आदि शिक्षण संस्थानों से सौ गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित की गई है।