कन्नौज। बारिश में कच्चा मकान गिरने से दो भाइयों की मौत मामले में प्रशासन की अब आंख खुली है। कच्चे घर में रह रहे परिवार को आवास न मिलने की बात सामने आई थी। बीडीओ से इस मामले की जांच करवाई गई तो पीड़ित परिवार का आरोप सही पाया गया है। जांच में सामने आया है कि प्रधान और सचिव ने अपनी रिपोर्ट में मकान पक्का बताकर योजना की लिस्ट से नाम हटवा दिया था। अब ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव से तीन दिन में जवाब मांगा गया है।
दरअसल 11 सितंबर को हुई जोरदार बारिश के दौरान तिर्वा तहसील के ललकियापुर में रामसनेही का कच्चा घर गिरने से उसके मलबे में दबकर दो बेटों अवनीश और आलोक की दर्दनाक मौत हो गई थी। तब परिवार ने आरोप लगाया था कि आवास योजना में उनका नाम होने के बावजूद आवास नहीं दिया गया। इस प्रकरण पर प्रशासन अलर्ट हुआ। आवास प्लस की पात्रता सूची की तफ्तीश करने पर पाया गया है कि रामसनेही की पत्नी सुमन का नाम प्रधानमंत्री आवास प्लस की पात्रता सूची में दर्ज था। इसकी पीएमएवाई आईडी 1271833434 बताई जा रही है। उमर्दा ब्लॉक के बीडीओ दयाराम यादव ने बताया कि 15 जुलाई 2021 को ग्रामसभा बेहरापुर-गैसापुर में खुली बैठक पर ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह ने सुमन पत्नी श्री रामसनेही, निवासी ग्राम ललकियापुर का पक्का मकान दर्शाते हुए अपात्र कर दिया गया। बैठक की रिपोर्ट के साथ 12 लाभार्थियों की प्रस्ताव सूची कार्यालय में भेजी गई, जिसमे सूची के क्रमांक 11 पर सुमन पत्नी रामसनेही की पीएमएवाई आईडी 1271833434 दर्शाई गई। जानकारी में पाया गया है कि सुमन पत्नी रामसनेही का घर कच्चा व जीर्णशीर्ण हालत में था। इसके बावजूद आवास पक्का बताया गया।
तत्कालीन सचिव अजयपाल सिंह व ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर से यह जानकारी दी गई थी। अब ऐसा पाया जा रहा है कि सचिव व प्रधान की मिलीभगत से जानबूझकर सुमन पत्नी रामसनेही का पक्का मकान दर्शाते हुए अपात्र ठहराया गया। अगर स्थलीय सत्यापन में सही जानकारी दी गई होती तो सुमन पत्नी रामसनेही को उसी दौरान प्रधानमंत्री आवास की सुविधा दे दी जाती और आज यह नौबत नहीं आती। ऐसे में बीडीओ ने तत्कालीन सचिव अजय पाल सिंह और प्रधान महेंद्र सिंह से तीन दिनों में उनका जवाब मांगा है।समय से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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फोटो:19: कच्चा मकान ढहने से खुले आसमान के नीचे जलता चूल्हा। संवाद
तीन बाद जला चूल्हा, आसपास के लोगों ने दिए बर्तन
तिर्वा। तीन दिन पहले हुए दर्दनाक हादसे में दो सगे भाइयों की मौत से परिवार सदमे में है। बेटों की याद में परिजन सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। उनकी याद में परिवार सिसक रहा है। परिजनों को सांत्वना देने के लिए लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। घटना के तीन दिन बाद घर में चूल्हा जला ओर आसपास के लोगों ने बर्तन दिए। हादसे में जान गंवाने वाले अवनीश और आलोक की बहन सपना ने नम आंखों से चूल्हे में आग लगाई और आसपास के लोगों से बर्तन लेकर खाना बनाने की शुरुआत की। मलबे में गृहस्थी का सारा सामान भी दब गया है। अब तक मलबा हट नहीं सका है।
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पीड़ित परिवार से मिले पूर्व सांसद
बुधवार को पूर्व सांसद रामबख्श सिंह वर्मा ने पीड़ित परिवार से मिलकर घटना को लेकर दुख व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदना दिखाते हुए आर्थिक सहायता दी। पूर्व सांसद ने सरकार से पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, दो अविवाहित बेटियों की शादी व पढ़ाई के खर्च समेत जीवन यापन करने के लिए जमीन की मांग की है। इस मौके पर रामगोपाल वर्मा, शिवनाथ, राधेश्याम राजपूत, रामअवतार, वंशी लाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।