गोवर्धन लाल कनौजिया की फाइल फोटो।
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा(संवाद)। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के निधन की जानकारी पर लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। खेत में समाधि बनाकर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। वह जिले के अंतिम जीवित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे।
कस्बे के खैरनगर मार्ग निवासी गोवर्धन लाल कनौजिया(108) का जन्म 1913 में गोवर्धन पूजा के दिन हुआ था। तभी माता-पिता ने गोवर्धन लाल नाम रख दिया। यह बड़े होकर अंग्रेजी शासन की मुखालफत में आ गए। गुरुवार को गोवर्धन लाल कनौजिया की अचानक हालत गंभीर हो गई। परिजन उन्हें कानपुर ले जा रहे थे। कानपुर पहुंचते ही निधन हो गया। सूचना पर लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके आवास पर भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, विनोद गुप्ता ,सपा नेता नवाब सिंह, इंद्रेश यादव, अनिल पाल समेत कई लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। पार्थिव शरीर को कंधा देकर शव को समाधि स्थल तक ले गए। यहां एसडीएम जयकरन, सीओ दीपक दुबे ने श्रद्धांजलि देते हुए राजकीय सम्मान के साथ विदाई थी।
आजादी की लड़ाई में गोवर्धन लाल कनौजिया ने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थेे। भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान वह 31 अक्तूबर 1942 को अंग्रेजों के हाथ लग गए। 25 मार्च 1943 को सजा दी गई। अंग्रेजी हुकूमत खत्म होने के बाद सरकार ने उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का दर्जा दिया। कन्नौज समेत आसपास के जनपदों में गोवर्धन लाल कनौजिया अकेले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बचे थे। दो बेटे डॉ. देवपाल सिंह, नरेंद्र पाल सिंह व बेटी राधा है। सभी की शादी हो चुकी है।
जीवन पर जल्द आएगी फिल्म
कस्बे के समाजसेवी अंशुल गुप्ता व इफ्टा संस्था के प्रबंधक राकेश श्रीवास्तव ने 108 साल के गोवर्धन लाल कनौजिया के जीवन पर फिल्म का निर्माण कराया है। इसे जल्द दूरदर्शन के चैनल पर प्रसारित किया जाएगा। अंशुल गुप्ता ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की याद ताजा रखने के लिए फिल्म का निर्माण किया गया है। इससे कि आने वाली पीढ़ी उनके बारे में जान सके।