पंचायत चुनाव के पहले चरण में हुई हिंसा और मतपेटिका लूट की घटनाओं के साथ
चुनावी शराब से हुए हादसों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन हलाकान है।
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के मतदान को लेकर रविवार को कोतवाली में अफसरों
की बैठक कर डीएम और एसपी ने समीक्षा की और अफसरों को जरूरी निर्देश दिए।
छिबरामऊ और सौरिख सर्किल को आठ भागों में बांटा गया है। कोतवाली
में अफसरों की बैठक लेते हुए जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कहा कि मंगलवार
को होने वाले मतदान में लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पक्षपात और दबंगई करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पिछले दिनों
जिले में शराबी से हुई मौतों को गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों ने
कड़े निर्देश दिए। यदि कोई भी प्रत्याशी के द्वारा शराब या दावत दी जाती है
तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और यदि किसी की मृत्यु हो जाती है
तो संबंधित प्रधाना के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
दावतों से फूड प्वाइजनिंग की संभावना रहती है। उन पर अंकुश जरूरी है।
उन्होंने बताया कि सौरिख और छिबरामऊ क्षेत्र को आठ भागों में बांटा गया है।
पूरे सर्किल की नाकेबंदी कराई गई है। मतदान शांतिपूर्व ढंग से संपन्न
हो इसके लिए 45 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 45 प्रशासन की सेक्टर मोबाइल, नौ जोनल
मजिस्ट्रेट और इतने जोनल प्रशासन तैनात किए गए हैं।
चार सीओ, चार
एसडीएम के अलावा दो एएसपी, सीडीओ, डीडीओ को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सुरक्षा की दृष्टि से 700 सिपाही, 10 इंस्पेक्टर, 90 दरोगा, दो कंपनी
पीएसी, एक कंपनी आईटीबीपी, 243 हेड कांस्टेबिल, 850 होमगार्ड, 150 पीआरडी
जवान, चार फायर की टोलियां, दो वायरलेस की टोलियां के साथ चार टोलियां
रिजर्व में रखी गई हैं।
ट्रैफिक के साथ चीफ फायर आफीसर आरआई रेडियो और
एलआईयू की तीन टोलियों को भी सर्किल में तैनात किया जाएगा। पोलिंग एजेंट को
मोबाइल प्रतिबंधित रहेगा। कहा कि वोटिंग प्रभावित करने वालों को किसी
कीमत पर बख्शा नहीं जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई
की जाएगी।
सुरक्षा की दृष्टि से आठ सुपर जोनल मोबाइल को आज से ही क्षेत्र
में सक्रिय कर दिया गया है। संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए कि
वह अभी से ही अपने-अपने बूथों पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित
प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को निर्देश दें।
बैठक में एडीएम संतोष
वैश्य, सीडीओ उदयराज यादव, एएसपी सुभाषचंद्र शाक्य, सीओ तिर्वा, सीओ सदर,
सीओ छिबरामऊ, एसडीएम, कोतवाल और सभी एसओ के अलावा आईटीबीपी जवान मौजूद थे।