अमूमन महिलाओं का त्योहार माने जाने वाले करवाचौथ पर
शहर में बिगड़े माहौल के बीच खौफजदा लोग घर से बाहर निकले। इस दौरान
महिलाओं की खरीदारी का मुख्य केंद्र चूड़ी मार्केट व सरायमीरा के नूरी
मार्केट में महिलाओं ने पहुंचकर कास्मेटिक व सोलह श्रंगारों से सजने के लिए
दिल खोलकर खरीदारी की।
ब्यूटी पार्लर में मेहंदी लगवाने और संजने-संवरने
के लिए महिलाओं की भीड़ रही। हिंदू धर्म में करवाचौथ का व्रत विशेष माना
गया है। महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखकर दुआ मांगती है।
इसके अलावा महिलाएं संजने-संवरने के लिए काफी पहले से तैयारी शुरू कर देती
हैं, पर अबकी शहर में बिगड़े माहौल के चलते शहर के अंदर पुलिस की नाकेबंदी
के चलते करीब एक सप्ताह के चूड़ी गली सहित अन्य मार्केट पूरी तरह से बंद
रहे।
इस कारण उनके अरमानों पर पानी फिर गया। बुधवार से खुले मार्केट के बाद
खौफजदा माहौल के बीच महिलाएं कास्मेटिक और चूड़ी की दुकानों में खरीदारी
के लिए पहुंची। सबसे अधिक भीड़ चूड़ी गली व सरायमीरा में ब्यूटी पार्लर की
दुकानों पर रही। इन दुकानों पर महिलाओं को अपने नंबर का इंतजार भी करना
पड़ा।
कई दिनों के बाद खुले मार्केट से एक साथ तमाम महिलाओं के पहुंचने से
कइयों को काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। उधर, सर्राफा व्यवसायी आशू
गुप्ता का कहना है कि सर्राफा मार्केट में इस बार छोटे आइटम की मांग अधिक
रही। साथ ही आलू की मंदी के चलते काफी कम तादात में खरीदारी के लिए लोग
पहुंचे।
महिलाओं ने चांदी में बिछिया, पायल व सोने में अंगूठी, चैन, टाप्स,
बाले सहित अन्य आइटमों को पसंद किया। उधर, करवाचौथ व्रत की पूजा के दौरान
सींक, चूरा, गट्टा, कलश, कलेंडर, चलनी व मिठाई की जरूरत पड़ती है। महिलाएं
चंद्रमा को देखने के बाद पूजा अर्चना करती हैं।