दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वर्ष 14-15
में कक्षा 11 एवं 12 के पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को निर्धारित
छात्रवृत्ति की धनराशि से तीन गुनी अधिक धनराशि उनके खातों में चली गई।
पूरा सत्र बीतने के बाद यह फाल्ट पकड़ में आया तो खलबली मच गई। शासन ने
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को रिकवरी के निर्देश दिए हैं।
वर्ष
14-15 के लिए 18 हजार 600 छात्र-छात्राओं का डाटा छात्रवृत्ति के लिए भेजा
गया था, पर 54 कालेज के 498 छात्र-छात्राओं के खाते में यह छात्रवृत्ति तीन
तीन बार चली गई। पीएफएमएस की गलती से ऐसा हुआ। विभाग ने जब यह फाल्ट पकड़ा
तो हड़कंप मच गया। इन 498 छात्र-छात्राओं के खातों में शासन का करीब 13
लाख रुपये अतिरिक्त चला गया है।
शासन ने जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
को रिकवरी के निर्देश दिए हैं। वहीं जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने
संबंधित कालेज के प्रधानाचार्यों को रिकवरी के निर्देश दे दिए हैं। अब
संबंधित प्रधानाचार्य परेशान घूम रहे हैं, क्योंकि अधिकतर छात्र-छात्राएं
इंटर की परीक्षा पास करने के बाद टीसी कटवाकर चले गए हैं।
अब उन्हें कहां
तलाशे और कैसे रिकवरी की जाए। नगर के हीरालाल वीएन इंटर कालेज को जिला
पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी का पत्र मिला, जिसमें उनके कालेज के वर्ष 14-15
में अध्ययनरत कक्षा 11 व 12 के 24 छात्रों के नाम की सूची संलग्न है। पत्र
में बताया गया कि इन सभी छात्रों के खाते में दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना
के अंतर्गत निर्धारित 2760 की जगह 6360 रुपये छात्रवृत्ति पहुंच गई है।
निर्देशित किया गया कि छात्रों से संपर्क कर तीन दिन के अंदर धनराशि विभाग
में जमा करा चालान की प्रति विभागीय दफ्तर को भेजें। ढिलाई बरतने पर
छात्रों के साथ स्कूल प्रबंधन को दोषी मानते हुए धनराशि वसूली की कार्रवाई
हेतु शासन को भेज दिया जाएगा।
जब इस बारे में संबंधित कालेज के
प्रधानाचार्य से बात की गई तो उनका कहना था कि विभाग अपनी गलती को प्रबंधन
पर थोप रहा है। इंटर में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं परीक्षा परिणाम आने
के बाद टीसी कटाकर कहीं किसी अन्य संस्था में पढ़ने चले गए। अब ऐसे में
उन्हें कहां तलाश किया जाए।
उधर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजेश
बघेल ने बताया कि पीएफएमएस (पब्लिक फॉर मनी सिस्टम) की गड़बड़ी से ऐसा हुआ
है। उनके विभाग ने यह फाल्ट पकड़ा है। शासन ने रिकवरी के आदेश दिए है,
यथासंभव रिकवरी के प्रयास होंगे। बताया कि ऐसा कई जिलों में हुआ है।
छात्रों से छात्रवृत्ति रिकवरी के लिए जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने
अपना विभागीय रिसीट हेड भी जारी किया है।
जिसमें संबंधित कालेज के
प्रधानाचार्य को छात्रवृत्ति रिकवरी की धनराशि जमा करानी होगी।