तिर्वा। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में “वर्चुअल लैब” विषय पर प्री-बूटकैंप चल रहा है। विशेष कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को वर्चुअल प्रयोगशालाओं के निर्माण और संचालन में दक्ष बनाना है, जिससे देशभर के छात्र ऑनलाइन प्रयोगों का लाभ घर बैठे उठा सकें।
कार्यशाला के तीसरे दिन सोमवार को आईआईटी कानपुर की विशेषज्ञ टीम के तकनीकी विशेषज्ञ धनंजय उमराव ने छात्र-छात्राओं को वर्चुअल लैब की अवधारणा, उसका शैक्षणिक महत्व, तकनीकी उपकरण, सॉफ्टवेयर एवं रियल टाइम सिमुलेशन से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दी। छात्रों को इंटरएक्टिव डेमो के माध्यम से ऑनलाइन प्रयोगों की प्रक्रिया का अनुभव भी कराया गया। इंजीनियरिंग से संबंधित विभिन्न प्रयोग कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से विकसित किए जाएंगे।
इन प्रयोगशालाओं की विशेषता यह है कि देशभर के किसी भी स्तर के छात्र इसका उपयोग कर सकते हैं। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि यह प्री-बूटकैंप छात्रों के तकनीकी कौशल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें छात्र उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं और डिजिटल युग के अनुकूल खुद को तैयार कर रहे हैं। साथ ही इस तरह की प्रयोगशाला का आयोजन करने में संस्थान का प्रदेश में दूसरा है। आयोजन के समन्वयक रवीश सिंह राजपूत और राजीव कुमार हैं।