छिबरामऊ। निजी अस्पताल में रविवार को बुखार से पीड़ित छात्रा की इलाज के बाद मौत हो गई। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ की। अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी फरार हो गए। पुलिस ने भीड़ को अस्पताल से बाहर निकाला। सीओ ने कोतवाली समेत सौरिख और विशुनगढ़ थाने की पुलिस भी बुला ली। परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
ग्राम बेहटा खास निवासी निवासी राजेश गुप्ता परिवार के साथ मोहल्ला बुद्धू कूंचा में रहते हैं। बेटी रुचि गुप्ता (16) को बुखार आने पर पत्नी अर्चना गुप्ता इलाज के लिए नेशनल हाईवे के किनारे स्थित एक निजी अस्पताल में ले गईं। चिकित्सक ने ड्रिप लगवाई। हालत में सुधार होने पर रुचि ने नाश्ते के साथ पानी पिया। उसके बाद रुचि की हालत दोबारा बिगड़ गई। डॉक्टर ने दोबारा ड्रिप लगाने से मना किया। तब स्टाफ नर्स ने दोबारा इंजेक्शन लगा दिया, जिससे हालत बिगड़ने लगी। डॉक्टर की सलाह पर परिजन रुचि को इलाज के लिए फर्रुखाबाद लेकर जा रहे थे। साथ में डॉक्टर भी गाड़ी से उनके साथ थे। रास्ते में ही रुचि ने दम तोड़ दिया।
मौत की जानकारी होते ही डॉक्टर रास्ते से ही फरार हो गया। वहीं, छात्रा की मौत की जानकारी होने पर पुलिस अस्पताल पहुंच गई। कुछ देर बाद परिजनों ने शव लाकर अस्पताल के अंदर रख दिया और गलत इलाज का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। देखते ही देखते मोहल्ले के लोगों की भीड़ अस्पताल पहुंच गई। आक्रोशित भीड़ ने अस्पताल में तोड़फोड़ की। पुलिस ने भीड़ को अस्पताल से बाहर निकाला। सीओ मनोज कुमार सिंह व कोतवाल अजय अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों के आक्रोश को देखते हुए सौरिख व विशुनगढ़ थाने की पुलिस को भी बुला लिया गया। कार्रवाई के आश्वासन के बाद भीड़ शांत हुई। सीओ ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर की पत्नी को पुलिस ने कोतवाली भिजवाया
छात्रा की मौत की जानकारी होते ही अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्य कर्मी मौके से भाग निकले। अस्पताल में अकेली डॉक्टर की पत्नी बच्चे के साथ मौजूद थीं। छात्रा का शव लेकर अस्पताल पहुंचे परिजनों व भीड़ के आक्रोश को देखते हुए पुलिस कर्मियों ने डॉक्टर की पत्नी व बच्चे को वहां से सुरक्षित निकालकर कोतवाली पहुंचाया।