बीआरसी के स्टोर रूम में पड़ा किताबों का ढेर।
- फोटो : अमर उजाला
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को पढ़ने के लिए दी जाने वाली किताबों के प्रति महकमा कितना अलर्ट है इसका खुलासा रविवार को बीएसए के स्टोर रूम के औचक निरीक्षण में हुआ। स्टोर रूम में पिछले शिक्षा सत्र की किताबें अस्तव्यस्त पड़ी देख बीएसए का पार चढ़ गया। उन्होंने किताब वितरण में लापरवाही बरतने पर खंड शिक्षा अधिकारी का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश देते हुए बीआरसी के समन्वयक ों को भी चेतावनी दे दी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह रविवार की शाम करीब चार बजे डायट परिसर स्थित बीआरसी कार्यालय के पास स्टोर रूम का निरीक्षण किया। वहां का नजारा देख वह दंग रह गए। स्टोर रूम के गेट खुले पड़े थे। बच्चों को वितरण के लिए रखीं किताबें बेतरतीब पड़ी थीं। लोगों ने बताया कि छुुट्टी के बाद सुनसान होने पर आस-पड़ोस के लोग खुले पड़े स्टोर रूम से किताबें बोरियों में भरकर उन्हें कबाड़ी के यहां रद्दी में बेंच देते हैं।
बीएसए ने बताया कि इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी अमर सिंह पाल की घोर लापरवाही सामने आई हैं। स्टोर रूम में ताला तक नहीं लगाया गया था। उन्होंने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि जब तक शासन से नई किताबें नहीं मिलती हैं तब तक उनके पास मौजूद किताबें अथवा पुरानी किताबें बच्चों को वितरित कर उन्हें पढ़ाया जाए, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा था। सैकड़ों की संख्या में किताबों का ढेर स्टोर रूम में पड़ा था, लेकिन उन्हें बच्चों को वितरित नहीं किया गया। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी अमर सिंह पाल का अग्रिम आदेशों तक वेतन आहारण पर रोक लगा दी है। साथ ही बीआरसी के सभी समन्वयकों को कड़ी हिदायत दी है।