कन्नौज। ग्राम पंचायतों को रोशन करने के लिए लगाई गई सोलर लाइटें शोपीस बनकर रह गई हैं। देखरेख के अभाव में अधिकतर लाइटें बंद पड़ी हैं, इस कारण गांवों में शाम ढलते ही अंधेरा पसर जाता है।
जिले के सभी ब्लॉकों व ग्राम पंचायतों में करीब चार हजार से अधिक सोलर लाइटें ग्राम प्रधान निधि से लगाई गईं। इसमें 80 प्रतिशत सोलर लाइटें खराब हो गई हैं। सरकारी तंत्र उक्त सोलर लाइटों की मरम्मत करा दे तो गांव में उजाला फैलने लगे। ग्राम पंचायतों में 80 फीसद लाइटें एक माह जलने के बाद खराब हो गईं। इसे कोई बनाने वाला भी नहीं है। गांव के लोग बताते हैं कि कमीशनखोरी के चलते घटिया किस्म की लाइट की खरीद पंचायतों ने की है। उसी का नतीजा है कि गांव के चौराहों पर अंधेरा है। प्रधान सचिव व ठेकेदारों ने आपसी सहमति से लाइट की खरीदारी की। जिले में 499 ग्राम पंचायतें हैं। हर ग्राम पंचायत से ऐसी शिकायतें सामने आ रहीं हैं। सदर ब्लॉक के नेरा, जलालाबाद, सफीपुर जप्ती, सलेमपुर तारा बांगर सहित कई ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट खराब पड़ी हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री से लाइटों के मद में खर्च हुए धन की जांच और खराब लाइटों को ठीक कराने की मांग की।