बिजली बिल देरी से मिलने की समस्या दूर करने के लिए स्मार्ट स्पॉट बिलिंग योजना शुरू करने जा रहा है। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को बिल मौके पर ही उपलब्ध करा जाएगा और गलत बिल आने की समस्या भी दूर होगी।
बताते चलें कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बदहाल है। गांवों में बिजली के बिल समय पर न पहुंचा आम समस्या हो गई है। हालत यह है कि छह-छह माह तक बिजली बिल नहीं पहुंचते हैं। इससे ग्रामीणों पर बकाया बढ़ता जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए बिजली विभाग स्मार्ट स्पॉट बिलिंग योजना शुरू कर रहा है।
बिजली विभाग की ओर से एफएलयू ग्रिड कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसके तहत कंपनी का कर्मचारी बिजली उपभोक्ता के घर जाकर मीटर की फोटो खींचेगा, इसके बाद मोबाइल में लगे गैजेट पर कर्मचारी रीडिंग फीड करेगा और मौके पर ही उपभोक्ता को बिल उपलब्ध करा दिया जाएगा। इस व्यवस्था से गलत रीडिंग लेने व भेजने की समस्या भी दूर होगी।
जेेई राजेंद्र बाबू अग्निहोत्री व संतराम का कहना है कि इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में मीटर रीडिंग में छेड़छाड़ व बिजली कर्मचारियों की ओर से की जा रही गड़बड़ी पर में रोक लगेगी। अधिशासी अभियंता सुभाष सचान ने बताया कि इस योजना का नाम स्मार्ट स्पॉट बिलिंग है।