कन्नौज। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्माणाधीन स्टेशन का लिंटर गिरने के मामले में आरोपी निर्माण व शटरिंग ठेकेदारों को जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पकड़े गए आरोपियों में बलिया का निर्माण ठेकेदार रामविलास राय है। उसे सपा सरकार में मंत्री रहे नारद राय का रिश्तेदार बताया जा रहा है। वहीं, दूसरा आरोपी बरेली का हनीफ है, जिसने लिंटर डालने के लिए शटरिंग का ठेका लिया था। जीआरपी इस मामले में तीसरे आरोपी कार्यदायी संस्था के साइट इंजीनियर सूरज प्रकाश मिश्रा की भूमिका की जांच कर रही है।
11 जनवरी को रेलवे स्टेशन पर शटरिंग ढहने के हादसे की जांच कर रही जीआरपी के हाथ सोमवार को बड़ी सफलता लगी। जीआरपी फर्रुखाबाद के थानाध्यक्ष संदीप तोमर व कन्नौज चौकी प्रभारी दीपक त्रिवेदी की टीम ने निर्माण ठेकेदार बलिया जिले के चंद्रशेखरनगर रामपुर महावल निवासी रामविलास राय तथा शटरिंग ठेकेदार बरेली के थाना भोजीपुरा अंतर्गत ग्राम दीदारपट्टी निवासी मोहम्मद हनीफ को देवरामपुर क्राॅसिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया।
दोनों को फतेहगढ़ स्थित रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में तीसरे आरोपी आशुतोष इंटरप्राइजेज बलिया के साइट इंजीनियर लखनऊ के हजरतगंज निवासी सूरज प्रकाश मिश्रा की भूमिका की जांच की जा रही है। इन आरोपियों के खिलाफ 12 जनवरी को पीएम गतिशक्ति रेलवे के अधिशासी अभियंता विपुल माथुर ने जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कन्नौज रेलवे स्टेशन का 13.50 करोड़ रुपये से कायाकल्प किया जा रहा है। 11 जनवरी को निर्माणाधीन भवन का लिंटर डालते समय शटरिंग टूटने वह नीचे आ गिरा था। हादसे में 24 मजदूर घायल हुए थे।
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जांच में कमजोर शटरिंग हादसे की वजह
रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देश पर उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति इस मामले में अभी तक 28 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिसमें आरपीएफ थाना प्रभारी व कांस्टेबल, स्टेशन अधीक्षक, वाणिज्य निरीक्षक, दुकानदार, वेंडर व कुली शामिल हैं। घायलों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। रेलवे की जांच में भी कमजोर शटरिंग ही हादसे की प्रमुख वजह बताई गई है। बताया गया कि शटरिंग कम पड़ने पर ठेकेदार ने स्थानीय दुकानदारों से लकड़ी की बल्लियां मंगाकर लगा दीं थीं, जबकि नियमानुसार उसे लोहे के गर्डर लगाने चाहिए थे।
वर्जन
हादसे की रेलवे और जीआरपी की टीम जांच कर रही है। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। ठेकेदार की लापरवाही की पुष्टि होने पर कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।
-वीणा सिन्हा, मंडल रेल प्रबंधक