कन्नौज। शटरिंग ठेकेदार मकान में ताला डालकर फरार हो गया है। दबिश देने गई जीआरपी की टीम बैरंग वापस आ गई है। सर्विलांस के जरिए ठेकेदार को पकड़ने का प्रयास जारी है। वहीं, आशुतोष इंटरप्राइजेज फर्म के मालिक को भी पुलिस नहीं पकड़ पाई है।
पीएम गति शक्ति रेलवे के अधिशासी अभियंता विपुल माथुर ने ठेकेदार रामविलास राय व इंजीनियर सूरज प्रकाश मिश्रा के खिलाफ फर्रुखाबाद जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया कि 11 जनवरी को रेलवे स्टेशन पर निर्माणाधीन भवन शटरिंग टूटने से धराशायी हो गया। मलबे में दबकर 26 मजदूर घायल हो गए थे। घटना के बाद मौके पर मौजूद जनपद बरेली गांव दीदारपट्टी निवासी शटरिंग ठेकेदार मोहम्मद हनीफ फरार हो गया था।
मुकदमे की विवेचना कर रहे चौकी इंचार्ज दीपक त्रिवेदी व एसओ संदीप तोमर ने घटना स्थल का निरीक्षण कर मजदूरों के बयान दर्ज किए। मजदूरों ने बताया कि शटरिंग ठेकेदार ने लोहे के गर्डर की जगह बल्लियां लगा दी थी। इसका विरोध किया था पर ठेकेदार मनमानी से काम करवाता रहा। इस कारण हादसा हुआ। विवेचक ने विवेचना में ठेकेदार मोहम्मद हनीफ को मुख्य आरोपी बनाया। जीआरपी की टीम ने बरेली गांव दीदारपट्टी में दबिश मारी। ठेकेदार मकान में ताला डालकर फरार हो गया है। जीआरपी ने गांव के लोगों से जानकारी की। इसके बाद टीम बैरंग आ गई। जीआरपी अब सर्विलांस के जरिए ठेकेदार को पकड़ने की तैयारी में जुट गई। थानाध्यक्ष संदीप तोमर ने बताया कि ठेकेदार मोहम्मद हनीफ फरार हो गया है। दबिश देने गई टीम वापस आ गई है।
रामविलास की तलाश में पूर्वांचल तक दौड़ी पुलिस
बलिया की आशुतोष इंटरप्राइजेज फर्म के मालिक रामविलास राय की तलाश में पुलिस ने पूर्वांचल तक दौड़ लगाई है। अभी तक उसका पता नहीं चल सका है। जीआरपी फर्रुखाबाद थाने में दर्ज मुकदमे में रामविलास राय और इंजीनियर सूरज प्रकाश मिश्रा को आरोपी बनाया गया। बाद में जीआरपी ने शटरिंग ठेकेदार हनीफ को भी मुख्य आरोपी बनाया है। थानाध्यक्ष का कहना है कि इस मामले में और भी लोगों को विवेचना के दौरान प्रकाश में लाया जाएगा।