जेल में बंद पति के पेशी पर आने पर मिलने के बाद घर
लौट रही पत्नी की पुरानी रंजिश के चलते पिटाई कर दी गई। मामले में पांच
नामजद व 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सदर
कोतवाली क्षेत्र के सढ़ियापुर बांगर गांव निवासी सुनीता देवी पत्नी
कन्हैयालाल 14 दिसंबर को दीवानी न्यायालय में आई थी। यहां जेल में बंद उसके
पति कन्हैयालाल की पेशी थी। मुलाकात करने के बाद शाम पांच बजे के करीब
ट्रैक्टर पर बैठकर घर लौट रही थी।
आरोप है कि मिश्रीपुर गांव के अंदर जैसे
ही वह पूर्व प्रधान के दरवाजे के सामने पहुंची तभी मिश्रीपुर गांव निवासी
करन पुत्र जमुना प्रसाद, सर्वेश पुत्र भगवानदीन, बबलू पुत्र रामप्रकाश,
मिथलेश, तोताराम पुत्र चन्ना व 15-20 अज्ञात लोगों ने उस पर हमला बोल दिया।
लात-घूसों से जमकर पिटाई शुरू कर दी।
इस दौरान उसकी सोने की चेन व नकदी
लूट ली। शोर मचाने पर ग्रामीणों को आता देख वे लोग जान से मार डालने की
धमकी देते हुए भाग गए।
मालूम हो कि मतदान के दौरान सड़ियापुर बांगर में
बूथ कैप्चरिंग हुई थी। मतपेटी लूटने के बाद कुएं में फेंक दी गई थीं। इस
मामले में प्रत्याशी कन्हैयालाल समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया
गया था।
बाद में पुलिस ने कन्हैयालाल सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल
भेजा था। बाद में यहां पुनर्मतदान हुआ था। मतगणना के बाद कन्हैयालाल को
प्रधान निर्वाचित घोषित किया गया है।