फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kannauj News: शहर से लेकर गांवों तक लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था, पटरी पर नहीं आई

Sat, 18 Mar 2023 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
विज्ञापन
विज्ञापन
कन्नौज। बिजली कर्मियों की हड़ताल से हर तरफ त्राहि-त्राहि मची है। शहर से लेकर गांवों तक बिजली सेवा पूरी तरह प्रभावित रही है। शुक्रवार की रात ही शहर में कई जगह बिजली गायब हो गई। प्रमुख रास्ते अंधेरे में डूब गए। ग्रामीण अंचलों का तो और भी बुरा हाल हो गया। सप्लाई जारी होने के बावजूद जहां-जहां फॉल्ट हो रहा है, वहां कोई सुधारने वाला नहीं पहुंचा।
विज्ञापन

शुक्रवार से शनिवार के बीच जिले के अलग-अलग 32 पावर सब स्टेशन से जुड़े 140 फीडर में से आधे से ज्यादा में फॉल्ट हो गया। इससे उनसे जुड़े शहर की लगभग पूरी आबादी और जिले के एक हजार से ज्यादा गांवों की बिजली सेवा चरमरा गई। फॉल्ट होने की जानकारी होने के बावजूद उसकी मरम्मत के लिए टीम नहीं पहुंची। बिजली कर्मियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया।
ऐसे में राजस्व कर्मियों की टीम ही किसी तरह जहां-तहां दौड़ लगाती रही। प्राइवेट व रिटायर हो चुके बिजली कर्मियों से भी काम लिया गया। बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं हो सका। बिजली सेवा प्रभावित होने से कई मोहल्लों में लोग हैंडपंपों से पानी भरते दिखे।
विज्ञापन


कलक्ट्रेट फीडर छोड़कर दूसरे सभी फीडरों में या तो ब्रेक डाउन रहा या फिर फॉल्ट की शिकायत पर सप्लाई पूरी तरह से बंद रही। इस सब स्टेशन से कलक्ट्रेट क्षेत्र की सप्लाई तो बहाल रही, लेकिन मकरंदनगर फीडर सुबह 10:10 बजे से बंद रहा। इसके अलावा अजयपाल फीडर और कोल्ड स्टोर फीडर सुबह 09:20 बजे से बंद कर दिया गया। इसी तरह अटारा फीडर की सप्लाई शुक्रवार की रात ढाई बजे से ही बंद रही। जसोदा फीडर की सप्लाई सुबह करीब चार बजे से बंद हो गई। कन्नौज टाउन, नगर कोट की सप्लाई भी शनिवार की सुबह से प्रभावित हो गई।


कन्नौज। बिजली कर्मियों की हड़ताल की वजह कर प्रशासनिक अमला सक्रिय तो है, लेकिन व्यवस्था को पटरी पर लाने में कामयाबी नहीं मिल रही है। शुक्रवार से ही अफसरों की टीम राजस्वकर्मियों के साथ दौड़भाग कर रही है, लेकिन सप्लाई बेहतर होने के बजाए और भी बिगड़ती जा रही है। शनिवार को एडीएम गजेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ मकरंदद नगर पावर सबस्टेशन पहुंचे। तैनात कर्मचारी से सप्लाई व्यवस्था को समझा। फॉल्ट की जानकारी होने पर उसकी मरम्मत करने का तरीका जाना।
हड़ताली कर्मचारियों ने जरूरी जानकारी दे तो दी, लेकिन किसी भी सहयोग से मुकर गए। सुबह जिन इलाकों में बिजली गई थी, वहां देर शाम तक सप्लाई बहाल नहीं हो सकी। प्राइवेट बिजली कर्मियों की मदद से फॉल्ट की मरम्मत का काम किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें