विकास खंड मुख्यालय में हुई बैठक में मनरेगा कार्यों
की समीक्षा के दौरान लापरवाह सात ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोकने और आठ
रोजगार सेवकों का दो माह का मानदेय काटने के निर्देश दिए गए।
गुरुवार
को ग्राम पंचायत सचिवों और रोजगार सेवकों की बैठक लेते हुए बीडीओ अनिल
कुमार ने कहा कि सभी गांव में मनरेगा के कार्य हरहाल में शुरू करा दिए
जाएं। अब तक 65 गांवों में काम शुरू भी हो चुका है। जहां काम रुका हुआ है,
वहां बहुत शीघ्र ही कार्य शुरू करा दिए जाएं।
कहा कि मनरेगा जाबकार्ड
धारकों और पेंशन धारकों के आधार कार्ड की छाया प्रति जमा करने के निर्देश
दिए गए थे। नंदलालपुर, भरौली सिरकनेपुर, जमामर्दपुर, बेहटा खास,
करमुल्लापुर, कुंवरपुर बनवारी, मेदेपुर और बरूआ सबलपुर के रोजगार सेवकों
द्वारा कार्य में लापरवाही बरती गई।
उनके द्वारा लोगों के आधार कार्ड 60
प्रतिशत से भी कम फीडिंग होने के कारण उनका दो माह का मानदेय काटने का
निर्देश दिए गए। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिवों से बायो गैस निर्माण का
जो लक्ष्य दिया गया है को बनवाकर सूची शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
श्रम विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश भवन एवं सननिर्माण कर्मकार कल्याण
बोर्ड द्वारा मजदूरों के लिए चलाई जा रही 15 योजनाओं की जानकारी देते हुए
बताया कि 50 दिन का काम पूरा करने वाले मनरेगा मजदूरों का श्रम विभाग में
सौ रुपये जमा कर पंजीकरण होता है।
उन्होंने बताया कि बुधवार को 224 मजदूरों
ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। इस योजना में पंजीकृत मजदूरों को विभाग की
15 योजनाओं से लाभान्वित होने का मौका मिलता है। उन्होंने बताया कि
एनआरएलएम योजना के अंतर्गत सभी ग्राम पंचायत सचिवों को पिछले माह चार-चार
स्वयं सहायता समूह गठित करने का लक्ष्य दिया गया था, पर सचिव राजेश कुमार,
ज्ञानेंद्र कुमार, रामऔतार, लाल सिंह, कौशलेंद्र सिंह, अरविंद कुमार व
विश्राम सिंह ने कार्य में लापरवाही बरती।