फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kannauj News: पक्षी विहार झील क्षेत्र में सारस के सात जोड़े चिन्हित

Mon, 26 Jun 2023 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
विज्ञापन
विज्ञापन
नवाबगंज। शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार के झील क्षेत्र में वाइल्ड लाइफ टीम ने दो शिफ्टों में सारस की गणना की। इस दौरान टीम को झील क्षेत्र में सात जोड़े सारस के दिखे। जिन्हें रजिस्टर में दर्ज किया गया।
विज्ञापन

एक जुलाई 2014 को सारस को उत्तर प्रदेश का राज्य पक्षी घोषित किया गया था। सारस पक्षी देश के उत्तरी और पश्चिमी तराई क्षेत्रों में गंगा नदी के मैदानों में पाया जाता है। प्रदेश सरकार ने सारस की संख्या का पता लगाने के लिए गणना शुरू कराई है। सोमवार को दो दिवसीय गणना की शुरुआत की गई। वाइल्ड लाइफ टीम में शामिल रेंजर विवेक सिंह, डिप्टी रेंजर विवेक वर्मा व आदित्य सिंह चौहान समेत सात कर्मचारियों ने झील क्षेत्र में सात जोड़े सारस के देखे। टीम ने दो शिफ्ट सुबह छह से आठ बजे तक और शाम को चार से छह बजे तक सर्च किया गया। रेंजर विवेक सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 से सारस गणना शुरू की गई थी। एक ही समय में पूरे प्रदेश में गणना की जाती है। कोरोनाकाल वर्ष 2020 में गणना नहीं हो सकी थी। वर्ष 2021 से फिर से शुरू है।
इंसेट
ऐसे होती है गणना
सारस गणना के लिए वेटलैंड एरिया (दलदली भूमि) के आस पास सर्च अभियान चलाया जाता है। गणना स्थल से जीपीएस रीडिंग यानी अक्षांश व देशांतर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाता है। सारस की पहचान चोच, पंख और पैरों से की जाती है। सारस के बच्चों की चोच और सिर पीला होता है। व्यस्क सारस की चोच स्लेटी और सिर का रंग गहरा लाल व पैर गुलाबी होते हैं। गणना में दूरबीन व डिजिटल कैमरे का प्रयोग किया जाता है। गणना करते समय व्यस्क और बच्चों की गिनती अलग-अलग की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें