कन्नौज। शहर के बाशिंदों को नगर पालिका पूरी से शुद्ध पानी मुहैया नहीं करा पा रही है। पालिका के 37 ट्यूबवेलों में से अधिकांश में लगी डोजर मशीनें खराब हैं। इन मशीनों की मदद से सप्लाई के दौरान पानी में क्लोरीन मिलाया जाता है। उनके खराब होने से बिना क्लोरीन वाला पानी ही सप्लाई हो रहा है। इस लापरवाही से शहर की एक लाख की आबादी अशुद्ध पानी पीने को मजबूर है।
सदर नगर पालिका की आबादी 98 हजार है। इस आबादी को शुद्ध पानी पीने के लिए मिल सके इसके लिए सभी ट्यूबवेल में काफी पहले डोजर मशीन लगाई गई थी। मशीन में पानी की सप्लाई के दौरान क्लोरीन डाली जाती है। ताकि शुद्ध पानी पहुंचे, लेकिन कई सालों से अधिकांश ट्यूबवेल की डोजर मशीन खराब है। बिना क्लोरीन के ही पानी की सप्लाई बदस्तूर जारी है।
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लगातार अनदेखी से डस्टबीन बन गया मशीन का ड्रम
नगर पालिका के जिम्मेदारों की अनदेखी पिछले कई साल से जारी है। लोग बताते हैं कि पिछले पांच साल से भी ज्यादा समय से डोजर मशीन की खराबी दूर करने के लिए कोई पहल नहीं हुई। किसी ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। शहर में फूलमती देवी मंदिर के पास, मकरंदनगर, चौधरी सराय, आलाउद्दीनपुर, कांशीराम कॉलोनी समेत अधिकांश ट्यूबवेल में लगीं डोजर मशीनें कबाड़ में तब्दील हो गई हैं। कई ट्यूबवेल में डोजर मशीन की ड्रम वहां डस्टबिन के काम आ रही है।
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बैक्टीरिया का प्रभाव कम करती है क्लोरीन
ट्यूबवेल में लगी डोजर मशीन के जरिए क्लोरीन पानी में मिलाई जाती है। पानी की सप्लाई के समय एक से डेढ़ घंटे तक पाइप में पानी भरता रहता है। लीकेज वाले वाली जगह से दूषित पानी भी पाइपों में चला जाता है। इससे पानी में कई प्रकार के बैक्टीरिया उत्पन्न हो जाते हैं। पानी में क्लोरीन मिलाने से बैक्टीरिया का प्रभाव खत्म हो जाता है और लोगों तक शुद्ध पानी घरों तक पहुंचता है।
ईओ ने कहा, जल्द बदली जाएंगी खराब डोजर मशीन
नगर पालिका ईओ नीलम चौधरी ने बताया कि पानी की टंकियों में लगी डोजर मशीन के खराब होने की जानकारी सामने आई है। नगर पालिका ने इसके लिए खास योजना बनाई है। शहर में साफ-शुद्ध पानी की सप्लाई हो, इसको ध्यान में रखते हुए खराब मशीनों को जल्द ही बदला जाएगा।