मंजिल वही पाते हैं, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं, हौसलों से उड़ान होती है...। मशहूर शायर दुष्यंत की यह पंक्ति डेराजोगी गांव के अरुणनाथ पर सटीक बैठती हैं। इस अनाथ बच्चे ने प्राइमरी स्कूल में शिक्षा ग्रहण की। अब उसका नवोदय विद्यालय चयन हो गया। जिले में सपेरा समुदाय से नवोदय के लिए चयनित होने वाला यह पहला छात्र है।
क्षेत्र की ग्राम सभा विशुनगढ़ के मजरा डेराजोगी के अरुणनाथ के माता पिता का निधन काफी पहले हो चुका है। उसका पालन-पोषण उसकी बुआ ने किया। प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अर्चना यादव ने उसकी तैयारी कराने में काफी मदद की। इससे उसका चयन नवोदय विद्यालय में हो गया। संकुल प्रभारी ओमकार यादव ने बताया कि शीघ्र ही छात्र को सम्मानित किया जाएगा।