तिर्वा। राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट)-2018 में तमिलनाडु में नौ अभ्यर्थियों ने साल्वरों के जरिए परीक्षा पास कर ली। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने फर्जीवाड़े का मामला सामने पर मेडिकल कालेजों को पत्र भेजकर अध्ययनरत छात्रों की जांच कर जवाब मांगा था। इससे मेडिकल कालेज में खलबली मच गई। प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षों से जांच करवाई। कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। प्राचार्य ने एमआईसी को जवाब भेज दिया है।
एमबीबीएस में प्रवेश के लिए तमिलनाडु में साल 2018 में नीट परीक्षा करवाई गई। नौ छात्रों ने साल्वरों को बैठाकर परीक्षा पास कर ली। इन्होंने अलग-अलग मेडिकल कालेजों में प्रवेश ले लिया। यह मामला उजागर हो गया। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने देश के सभी मेडिकल कालेजों में पत्र भेजकर छात्रों को चिह्नित करने का आदेश देकर जवाब मांगा था। करीब पांच दिन पहले तिर्वा मेडिकल कालेज में आए पत्र को देख हड़कंप मच गया।
प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने सभी विभागाध्यक्षों को जांच करने के निर्देश दिए। प्राचार्य के निर्देश पर सभी विभागाध्यक्षों ने साल 2018 में प्रवेश पाने वाले छात्रों का सत्यापन किया। प्राचार्य ने बताया कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से छात्रों को चिह्नित करने के लिए जवाब मांगा गया था। उन्होंने कालेज के सभी छात्रों की जांच करा ली। फर्जीवाड़े से संबंधित कोई भी छात्र अध्ययनरत नहीं मिला। उन्होंने बताया कि प्रवेश के दौरान सभी दस्तावेजों की गहनता के साथ जांच की जाती है। एमसीआई को जवाब भेज दिया गया है।