कन्नौज। आलू किसानों को सरकार की ओर से तय समर्थन मूल्य मुफीद नहीं लगा है। सरकार 735 रुपये प्रति क्विंटल खरीद की तैयारी कर रही है। ताजा बाजार भाव 900 रुपये क्विंटल है। किसानों के मुताबिक ऐसे में उन्हें सरकारी खरीद में 165 रुपये प्रति क्विंटल नुकसान होगा।
जिले में इस साल किसानों ने 48 हजार हेक्टेयर में आलू की फ सल की है। इस समय खुदाई जोरों पर है। प्रति बीघा 45 से 50 पैकेट (एक पैकेट में 50 किलो वजन)आलू निकल रहा है। बाजार भाव 400 से 450 रुपये प्रति पैकेट यानी 800 से 900 रुपये क्विंटल है। इस हिसाब से प्रति बीघा किसानों को 20,250 रुपये मिल रहे हैं। औसत लागत करीब 10 हजार रुपये प्रति बीघा बैठती है। इस बीच सरकार की ओर से आलू की सरकारी खरीद के लिए प्रति क्विंटल 735 रुपये मूल्य तय करने को किसानों ने नुकसान बताया है।
वहीं भाकियू जिलाध्यक्ष शमीम सिद्दीकी ने कहा कि सरकार आलू का समर्थन मूल्य 735 रुपये क्विंटल तय कर रही है। यह बहुत कम है। इससे किसानों को घाटा होगा। आलू का समर्थन मूल्य कम से कम एक हजार रुपये होना चाहिए। पांच मार्च को सैफई में राष्ट्रीय अध्यक्ष की अगुवाई में पंचायत होनी है। इसमें इस मुद्दे को उठाया जाएगा। यहां से मिलने वाले निर्णय के बाद आगे की योजना तैयार की जाएगी।
प्रति बीघा आने वाली औसत लागत
पांच पैकेट आलू बीज: 5,500 रुपये।
एक बोरी यूरिया खाद: 400 रुपये।
आलू की बुआई: 520 रुपये।
पांच सिंचाई: 750 रुपये।
पोटाश खाद: 200 रुपये।
आलू खुदाई: 1200 रुपये।
बारदाना: 1485 रुपये।
पिछले साल 1200 रुपये पैकेट बिका था आलू
पिछले साल मौसम की मार व ओलावृष्टि से आलू की फसल को तगड़ा नुकसान हुआ था। इसके बाद भी किसान मालामाल हो गए थे। किसानों ने सालों पुराना घाटा पूरा कर लिया था। पिछले साल मार्च में किसानाें को 1200 रुपये प्रति पैकेट आलू का भाव मिला था।