नहर कोठी में लगे आंवला के वृक्ष की पूजा अर्चना करतीं महिलाएं।
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छिबरामऊ(कन्नौज)। आंवला नवमी को महिलाओं ने परंपरागत तरीके से मनाया। संतान की दीर्घायु व सुख समृद्धि के लिए महिलाओं ने आंवला के पेड़ की पूजा अर्चना की।
अक्षय नवमी पर सुबह से सौरिख रोड स्थित ककराई तालाब के पास स्थित आंवले के वृक्ष के नीचे महिलाओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। महिलाएं घरों से भोजन तैयार कर आंवले के पेड़ के नीचे पहुंचीं। पूजा के बाद सपरिवार आंवले के नीचे प्रसाद ग्रहण किया। कुछ महिलाओं ने नहर कोठी में लगे आंवला के वृक्ष की पूजा अर्चना की।
सिद्ध पीठ मां गमा देवी मंदिर के पुजारी पं. बनारसी दास शास्त्री ने बताया कि मान्यता है कि आंवले में बहुत सी बीमारियों से लड़ने की क्षमता होती है। आंवले के नीचे भोजन करने से बीमारियों से छुटकारा मिलता है। शरीर स्वस्थ रहता है। उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जो लोग अक्षय नवमी के दिन आंवला वृक्ष का पूजन करते हैं, उन पर लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। वह मनोकामना पूर्ण करती हैं। कहा जाता है कि आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। अक्षय नवमी के दिन इसमें सभी देवी देवता विराजते हैं। अक्षय नवमी के दिन आंवले के पेड़ के पूजन से सभी देवी देवताओं की पूजा के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। इसके अलावा नगर में कई जगह आंवला के वृक्षों के नीचे महिलाओं ने पूजा अर्चना की।