प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद अवैध बालू खनन पर रोक लगा दी गई है। करीब एक माह से बालू खनन बंद होने से सरकारी व प्राइवेट निर्माण में आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने छह माह की अवधि के बालू के पट्टे आवंटित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अफसरों ने कार्यवाही शुरू कर दी है। बालू खनन के पट्टे आवंटित कराने वाले लोग ऑनलाइन प्रक्रिया से घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। इस बार नई व्यवस्था के तहत डिजिटल सिग्नेचर होंगे।
खनन अधिकारी हवलदार यादव ने कहा कि ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी बनाई गई है। इसमें पट्टा आवंटन कराने वाले आवेदक घर बैठे अथवा साइबर कैफे से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह पूरी तरह से गोपनीय रहेगा। जिलाधिकारी के निर्देश पर पट्टा आवंटित करने वाले स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है। छह स्थान अभी चिह्नित हुए हैं। इनकी वैलुवेशन निकाली जाएगी। जिसके आधार पर निविदाएं आमंत्रित करके आवेदन मांगे जाएंगे। एक सप्ताह का समय दिया जाएगा।
आवेदन के दौरान पैन कार्ड व अन्य कागजातों के साथ 75 फीसदी धनराशि का आवेदक को ड्राफ्ट लगाना पड़ेगा। फारेस्ट विभाग से एनओसी मांगी गई है। उम्मीद है कि चार दिन में एनओसी मिल जाएगी। इसके अलावा दूसरे स्थान भी चिह्नित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि पट्टा आवंटन के बाद यदि कोई दूसरी जगह से बालू का खनन करता है तो वह अवैध माना जाएगा। उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।