कन्नौज/मानीमऊ। कार्तिक पूर्णिमा पर प्रशासनिक सख्ती के बीच श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। मेहंदी घाट पर काफी भीड़ रही। स्थानीय लोगों ने गंगा स्नान कर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए दीपदान किया। पुलिस की हीलाहवाली के चलते गंगा घाट पर सामाजिक दूरी का दायरा टूट गया। बिना मास्क व दूरी के लोगों ने स्नान किया। श्रद्धालुओं को रोकने के लिए किए गए इंतजाम भीड़ के आगे बौने पड़ गए।
पुलिस-प्रशासन की तमाम हिदायतों के बाद भी मेहंदी घाट, जलेसर व चियासर समेत अन्य अस्थायी घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मेहंदी घाट समेत मंदिरों और आश्रमों में भी किसी तरह की सावधानी नहीं बरती गई। हालांकि प्रशासन ने इसके लिए काफी प्रयास किये थे। गंगा घाटों पर जाकर सावधानी बरतने की हिदायत भी दी थी। इसके बावजूद श्रद्धालुओं सहित तीर्थ पुरोहित और पुजारी सभी बेपरवाह बने रहे। मेहंदी घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ से जाम के हालात बने रहे। पुलिस-प्रशासनिक अफसरों के तैनात होने के बाद भी लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया। बहुत कम लोगों ने मास्क का प्रयोग किया। प्रशासनिक अफसरों ने इन्हें रोकना-टोकना उचित नहीं समझा। सदर एसडीएम गौरव शुक्ला, कोतवाल विकास राय, चौकी प्रभारी शिवेंद्र वर्मा, मेहंदी घाट चौकी प्रभारी जसवंत सिंह मौजूद रहे। इससे पहले पंडित योगेश तिवारी गंगापुत्र, दयानंद तिवारी गंगापुत्र, अजय तिवारी गंगापुत्र आदि रहे। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में दो गज की दूरी समेत मास्क पहनने को जागरूक किया।
दीपदान कर कोरोना से मांगा छुटकारा
मेहंदी घाट पर दीपदान कर कोरोना से छुटकारा दिलाने की गंगा से प्रार्थना की गई। अफसरों समेत प्रभारी निरीक्षक विकास राय घाट पर पहुंचकर श्रद्धालुओं को समय के तहत दीपदान कर घर जाने की हिदायत देते रहे। बहुत से श्रद्धालुओं ने अफसरों की बात भी मानी।
कोई फोन में तो कोई बातों में व्यस्त रहा
कार्तिक पूर्णिमा पर प्रशासन ने बाहरी जिलों से बस, ट्रैक्टर समेत अन्य वाहनों से एकजुट होकर आने वाले लोगों पर पाबंदी लगाई थी। मेहंदी घाट पुल के दोनों तरफ अफसर व पुलिस कर्मियों की टीम लगाई गई थी। इस दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई। टीम का कई घाट पर खड़ा होकर मोबाइल में तो कोई बातों में व्यस्त रहा। पुलिस ने ट्रैक्टर ट्राली के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बाद भी श्रद्धालु अन्य मार्गों से ट्रैक्टर-ट्राली लेकर गंगा घाट पर पहुंच गए। इससे जाम लगता रहा।
कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व
कार्तिक पूर्णिमा पर्व को श्रीहरि विष्णु और भगवान शिव आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन दान करना पुण्यदायी माना जाता है । रविवार की रात से मेहंदी घाट पर श्रद्धालु पहुंच गए थे। श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पहले उठकर गंगा नदी में स्नान किया। महिलाओं ने खीर का प्रसाद बांटा।