तिर्वा। साहब! अभी हम जिंदा हैं। लेखपाल ने मृत दिखाकर खतौनी में वरासत दूसरे के नाम चढ़ा दी। अब युवक खुद को जीवित साबित करने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। नतीजा नहीं निकल रहा।
सोमवार को तहसील क्षेत्र के रिक्खापुर्वा गांव निवासी ओम प्रकाश(48) पुत्र गोपी ने तहसीलदार अनिल कुमार सरोज को प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि वह जीवित है। लेखपाल ने वरासत दूसरे के नाम चढ़ा दी है। इससे वह परेशान है। युवक की पीड़ा सुन तहसीलदार समेत सभी लोग चौंक गए। युवक ने बताया कि उसका गांव मौजा ठठिया अंतर्गत रिक्खापुवा है। उसके पास करीब सात बीघा कृषि भूमि है। इस पर खेती कर वह परिवार का भरण पोषण करता है। अगस्त 2019 में गांव के तीन लोगों ने लेखपाल से सांठगांठ कर उसे मृत घोषित कर उसकी आराजी पर वरासत दर्ज करवा ली। उसने खतौनी निकलवाई तो वरासत चढ़ी देख वह चौंक गया। उसके जीवित रहते लेखपाल ने सरकारी अभिलेख में उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी भूमि दूसरे के नाम चढ़ा दी। तहसीलदार अनिल कुमार सरोज ने समस्या सुनकर समाधान का आश्वासन दिया। तहसीलदार ने बताया कि गांव में एक ही नाम के दो व्यक्ति हैं। लेखपाल से भूलवश ऐसा हुआ होगा। मामले की जांच कराई जाएगी। लेखपाल की लापरवाही मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।