राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण 12वीं योजना का काम
शुरू कर दिया गया है। चयनित किए गए 1510 गांव में से 128 गांवों में काम को
गति मिलने लगी है।
एक्सईएन विद्युत पी राम ने बताया कि राजीव गांधी
ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत इस बार गांव में हाईटेंशन लाइन नहीं डाली
जाएगी। इसके स्थान पर बंच कंडक्टर केबिल गांव में डाली जाएगी। गांव के
बाहर तक हाईटेंशन लाइन लाई जाएगी। कहा कि गांव के बाहर ही उपभोक्ताओं की
संख्या एवं खपत के अनुसार 16 एमवीए व 25 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगाए
जाएंगे।
इससे हादसा होने का खतरा कम होगा। इसके अलावा बिजली चोरी भी नहीं
होगी। बताया कि खंभों में एक बाक्स लगाया जाएगा, जिसमें 10 उपभोक्ताओं को
कनेक्शन देने की व्यवस्था होगी। उपभोक्ता को अपनी केबिल जुड़वाने के लिए
विभागीय लाइनमैन को बुलाना होगा, जो पोल के आधार पर उपभोक्ता का कनेक्शन
जोड़ेगा।
एक्सईएन ने बताया कि दिसंबर माह में चिह्नित किए गए सभी गांव
में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। बिजली विभाग कार्यदायी
संस्था को लगने वाला मैटेरियल उपलब्ध कराएगा। कुछ छोटे मैटेरियल कार्यदायी
संस्था को अपने पास से लगाने हैं।
कहा कि हर पोल में आरसीसी गिट्टी के
मसाले से ग्राउंडिंग की जाएगी, जिसकी गहराई करीब एक मीटर होगी। संस्था ने
अब तक 4082 पोल गांव में इस योजना के तहत गाड़ दिए हैं। चार किमी बंच
कंडक्टर केबिल को भी खंभों पर बांध दिया है। मुख्य जगहों पर 17 किमी
हाईटेंशन लाइन का तार डाला गया है।
कई लोहिया गांव भी राजीव गांधी
विद्युतीकरण के तहत चयनित हैं। इनमें सबसे पहले विद्युतीकरण का कार्य शुरू
कराया गया है। बताया कि बिजली विभाग कार्यदायी संस्था द्वारा किए जाने
वाले कार्य की निगरानी करेगा। यदि कहीं पर कमियां मिलती हैं तो विभागीय
अफसरों को अवगत कराया जाएगा, जिससे वह संस्था के कर्मचारियों से ठीक करा
सकें।
उन्होंने बताया कि बंच कंडक्टर केबिल से बिजली की चोरी नहीं हो
सकेगी। जो उपभोक्ता दाम देंगे उन्हें ही बिजली मिलेगी। इसके अलावा तारों के
टूटने से होने वाले हादसों पर अंकुश लग सकेगा।