क्षेत्र के चौराचांदपुर-गुमटिया गांव के बीच गंगा के किनारे एक मजार के जीर्णोद्धार के समय खुदाई में मूर्ति निकलने की अफवाह से मजार पर दो समुदाय के लोग एकत्र हो गए। माहौल बिगड़ता देख पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लाठियां पटकर भीड़ को खदेड़ा। बाद में दोनों पक्षों को अलग-अलग बैठाकर शांत कराया। दोनों गांव और घटना स्थल पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के चौराचांदपुर गांव के निकट गंगा के किनारे बंदगी पीर बाबा की मजार वर्षों पुरानी है। गंगा की कटान हो जाने से मजार धंस गई थी। इस पर मढ़ाहरपुर गांव के लोगों ने चंदाकर मजार का जीर्णोद्धार शुरू कराया। खुदाई का काम चल रहा था। तभी एक कुल्हण के अंदर कुछ पुराने धातु के सिक्के निकले। जिसकी चर्चा शुरू हो गई। बताते हैं कि गुमटिया गांव के लोगों को किसी ने जानकारी दी कि मजार के निकट खुदाई में धार्मिक मूर्ति निकली है।
जिससे एक धर्म के लोग उठा ले गए। इस पर कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उस समय केवल दो मजदूर काम कर रहे थे। तभी एक पक्ष के लोगों ने फोटो खींचनी शुरू कर दी। इसकी जानकारी दूसरे पक्ष को हुई तो सैकड़ों की तादात में लोग घटना स्थल पर पहुंच गए। माहौल बिगड़ता देख किसी ने पुलिस को इसकी सूचना देदी। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी सुभाष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तत्काल उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी दिनेश कुमार पी, एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य, सीओ सदर सुरेंद्र पाल सिंह भी घटना स्थल पर पहुंच गए। उधर एसपी के निर्देश पर ठठिया, तिर्वा, गुरसहायगंज सहित अन्य स्थानों की पुलिस और पीएसी को मौके पर बुला लिया गया। पुलिस ने लाठियां पटकर एक पक्ष को खदेड़ दिया। वहीं दूसरे पक्ष के लोग पुलिस आने के पहले ही अपने गांव जा चुके थे। पुलिस ने बाद में गमटिया गांव पहुंचकर चौपाल लगाई। जहां ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया।
घटना को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने घटना स्थल के अलावा गुमटिया और मढ़हारपुर गांव में पुलिस बल को तैनात कर दिया है। घटना के संबंध में एसपी का कहना है कि कुछ लोग माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे लोगों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।