उमर्दा। उमर्दा ग्राम पंचायत में मच्छररोधी छिड़काव और सफाई के नाम पर 37,500 रुपये के भुगतान पर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों पर काम दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। गांव में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू के मरीज सामने आ रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले माह पंचायत प्रशासन ने मच्छरों से बचाव के लिए छिड़काव का दावा किया था। अभिलेखों में इसके लिए भुगतान भी दर्शाया गया है। हालांकि, लोगों का कहना है कि गांव की गलियों, नालियों और जलभराव वाले स्थानों पर कहीं भी दवा का छिड़काव नहीं हुआ। नालियों में गंदगी और कचरे के ढेर लगे हैं। कुंवरपुर गांव निवासी शिव सिंह ने बताया कि गांव में मच्छरों का प्रकोप चरम पर है। लोग बुखार और डेंगू की चपेट में आ रहे हैं।
प्रधान पति भी बीमार
गांव में अब तक पांच मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। अब प्रधान पति भी बुखार से पीड़ित हैं। पुरौतिया गांव निवासी रंजीत सिंह ने कहा कि 37,500 रुपये के खर्च का असर दिखना चाहिए। ग्रामीणों ने भुगतान के सापेक्ष कार्यों के सत्यापन और मामले की जांच की मांग की है। पंचायत सचिव जय प्रकाश ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने दोबारा छिड़काव कराने की बात कही है।