कन्नौज। सहालग और आगामी त्योहारों को देखते हुए खानपान की वस्तुओं की मांग बढ़ी है। इस बीच, खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी एसआईआर और बोर्ड परीक्षाओं की ड्यूटी में व्यस्त हैं। इसका सीधा फायदा मिलावटखोर उठा रहे हैं। पनीर, कुकिंग ऑयल और मसालों में मिलावट के मामले सर्वाधिक सामने आ रहे हैं। जनवरी में ही 25 प्रकरणों में 18.55 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
वित्तीय वर्ष में अब तक 141 प्रकरणों में 72.20 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया जा चुका है। इस दौरान सात खाद्य पदार्थ ऐसे पाए गए जिनकी गुणवत्ता बेहद खराब थी और वे खाद्य योग्य नहीं थे। इन मामलों को उच्च न्यायालय में दायर किया गया है। उपायुक्त खाद्य सुरक्षा उमेश प्रताप सिंह ने स्वीकार किया कि अधिकारियों की व्यस्तता के कारण प्रभावी कार्रवाई और नियमित अभियान चलाना संभव नहीं हो पा रहा है। हालांकि शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के कर्मचारियों की एसआईआर और बोर्ड परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में व्यस्तता के कारण मिलावट के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान फिलहाल ठप हैं। इससे दुकानदार, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटी सामग्री का प्रयोग करने से बाज नहीं आ रहे हैं। अधिकारियों की कमी का लाभ उठाते हुए मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उपायुक्त खाद्य सुरक्षा उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि एसआईआर व बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगने के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कर्मचारियों की व्यस्तता के कारण अभी अभियान नहीं चल रहा है, लेकिन शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है।
त्योहारों पर बढ़ जाती है मिलावट की आशंका
आगामी होली के त्योहार को देखते हुए भी मिलावटखोरी बढ़ने की आशंका है। रंगीन कचरी, चिप्स, पापड़ जैसे उत्पादों में अखाद्य रंगों और निम्न गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की मिलावट की जा सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकती है। इन उत्पादों को अभी से तैयार किया जा रहा है, ऐसे में अधिकारियों की अनुपस्थिति में मिलावट को रोकना एक बड़ी चुनौती है। फिलहाल, त्योहारों के मद्देनजर मिलावटी वस्तुओं की बिक्री रोकने के लिए कोई विशेष प्रबंध नहीं किए गए हैं।
सौरिख स्थित रेस्टोरेंट से लिया गया नमूना
सौरिख में संचालित बर्फानी फूड रेस्टोरेंट पर अधोमानक खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किए जाने की शिकायत तीन दिन पहले एडीएम से की गई थी। शिकायत मिलने पर खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा रेस्टोरेंट पर जाकर मौजूद खाद्य पदार्थों की जांच की गई और कुकिंग ऑयल का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है।