कन्नौज। देश को मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य महकमा हर संभव प्रयास कर रहा है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत इत्रनगरी में जांच का दायरा बढ़ाया गया है। इससे क्षय रोगियों की पहचान कर उनका इलाज किया जाए और जिले को टी बी मुक्त किया जाए। विभागीय आंकड़ों को देखा जाए तो तीन साल में 7,955 रोगी मिले, जिसमें 7,576 रोगी स्वस्थ हो चुके हैं।
सरकार देश को टी बी मुक्त बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। टी बी रोगियों की जांच से लेकर इलाज तक का खर्च सरकार उठा रही है। साथ ही निक्षय पोषण योजना के तकत रोगियों को प्रति माह 500 रुपये पोषक आहार के लिए दिए जा रहे हैं। जिससे टी बी रोगी जल्द स्वस्थ हो सके और देश टीबी मुक्त हो। इत्रनगरी के वाशिंदे भी टी बी को हराने में लगे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को देखा जाए तो वर्ष 2021 में 2745 रोगी मिले थे, जिसमें 2584 रोगी स्वस्थ हो गए। वर्ष 2022 में 3039 रोगी मिले, जिसमें 2882 रोगी स्वस्थ हुए। वर्ष 2023 में 2171 रोगियों में 2110 स्वस्थ हो गए। वहीं वर्ष 2024 में दो माह में 471 रोगी मिले हैं, जिनका इलाज शुरू कर दिया गया है। क्षय रोग अधिकारी डॉ. केपी त्रिपाठी का कहना है कि जिले में टीबी रोगियों को खोजने के लिए टीम लगी हुई है। रोगियों के स्वस्थ होने पर परिवार के सदस्यों की जांच की जाती है। अगर कोई टीबी से ग्रसित मिलता है तो उसका इलाज किया जाता है। इलाज के साथ ही टीबी रोगी को पोषक आहार के लिए 500 रुपये निक्षय योजना क तहत दिए जाते हैं।
19 बलगम परीक्षण केंद्र और 10 टी बी यूनिट
जिले में डीटीसी ग्वाल मैदान, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल सहित 19 केंद्रों पर बलगम जांच के लिए माइक्रोस्कोपिक सेंटर बनाए गए हैं। साथ ही 10 टी यूनिट स्थापित किए गए हैं।
टीबी रोगी की सूचना देने वाले को भी मिलते 500 रुपये
इन्फार्मर ऑनरेरियम योजना एक अप्रैल 2018 को शुरू की गई थी। इसके तहत टीबी रोगी की सूचना देने वाले व्यक्ति को रोगी का इलाज शुरू होने पर 500 रुपये दिए जाते हैं।