छिबरामऊ। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में मूल्यांकन प्रकोष्ठ का गठन कर परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को सक्रिय बनाए रखने के लिए वीडियो व वाइस कॉल के माध्यम से निगरानी करने के निर्देश दिए गए है। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ व प्राथमिक शिक्षक संघ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शिक्षा निदेशक के इस आदेश को निरस्त करने की मांग की है।
पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, जिला महामंत्री सुनील वर्मा व प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष सुशील यादव व मंत्री सतेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में बुधवार को शिक्षकों ने डायट प्राचार्य वेदराम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों का कहना है कि ऑनलाइन मानीटरिंग व्यवस्था सहयोगात्मक पर्यवेक्षण सिद्धांत के खिलाफ है। शासन का यह निर्णय भ्रष्टाचार को बढ़ावा व शिक्षकों में कुंठा की भावना को जन्म देने वाला है। इस व्यवस्था के लागू होने से शिक्षक व कर्मचारी अनावश्यक से विभागीय कार्यवाही का शिकार हो सकते हैं। शिक्षकों ने पूर्ववत स्थलीय सहयोगात्मक पर्यवेक्षण की मांग की है। आदेश वापस न लेने की स्थिति में प्रदेश के शिक्षक विभागीय ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर आंदोलन शुरू करेंगे। इस मौके पर नीरज यादव, श्याम सिंह, आलोक कुमार, रमाकांत, ज्ञानेंद्र यादव, राधा, मंजू यादव, पूनम कुमारी, राजीव निगम आदि मौजूद रहे।