सामाजिक व आर्थिक बराबरी के लिए आरक्षण आवश्यक है।
अनेक महापुरुषों ने अपने प्राणों की आहुति देकर आरक्षण का प्रावधान कराया,
पर आरक्षित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों ने आरक्षण में प्रमोशन के लिए
लोकसभा व राज्यसभा में संघर्ष नहीं किया। नतीजा यह रहा कि न्याय न्याय
पालिका का सहारा लेकर उसे समाप्त करा दिया।
यह बात बसपा शासन में मंत्री
रहे भगवती प्रसाद सागर ने शनिवार को मोहल्ला इंदिरानगर में मंडल अध्यक्ष
राजेश दिवाकर के आवास पर हुई अखिल भारतीय संत गाडगे बाबा साहब मिशन की बैठक
में कही। बैठक में दौरान उन्होंने आरक्षण की जमकर वकालत की। कहा कि
जातीय व्यवस्था के शिकार लोगों की स्थिति आज भी देश में अच्छी नहीं है।
उनके अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है। डॉ. डीवी सिंह ने कहा कि बाबा साहब
संत गाडगे के मिशन से समाज में दबे कुचले लोगों को सम्मान मिलेगा और
जागरूकता बढ़ेगी। मंडल अध्यक्ष राजेश दिवाकर ने कहा कि मान्यवर कांशीराम ने
कहा था जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी। कांशीराम के इस
सपने को पूरा किया जाना चाहिए।
किरन वर्मा ने कहा कि महिलाओं को भी अपने
अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। बैठक में तीन मार्च को संत गाडगे
बाबा साहब मिशन के तत्वावधान में लखनऊ में होने वाली रैली को सफल बनाने की
अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि यदि आरक्षण बचाना है तो तीन मार्च की रैली
में ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी होनी चाहिए।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष
जसवंत दिवाकर के अलावा डॉ.वीएल वर्मा, डॉ.वीदेशम दिवाकर, प्रो. श्रवणकुमार
शाक्य, कौशलेंद्र सिंह, जयप्रकाश सिंह, हिमांशु प्रताप सिंह, संतोष
कनौजिया, सुमन दिवाकर, मंजू देवी, रामकृष्ण फौजी, भीखम सिंह कठेरिया,
मंशाराम माथुर, संतराम दिवाकर, विनय दिवाकर, अभय व मुन्नालाल दिवाकर आदि ने
विचार व्यक्त किए।