जिले की तीनों तहसीलों से 71 किलोमीटर में निकले आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस में आवासीय भूमि दर्शाकर अधिक मुआवजा लिए जाने की विगत माह कराई गई जांच से प्रदेश सरकार संतुष्ट नहीं हुई है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने जिलाधिकारी जगदीश प्रसाद को जारी पत्र में कहा कि कन्नौज जिले में जांच के नाम पर महज खानापूरी की गई है। जमीन व मिट्टी सहित अन्य प्रकरणों की कोई जांच नहीं हुई। शासन को लेखपालों के भरोसे रिपोर्ट भेज दी गई है। नए सिरे से सात बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट दी जाए।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी का कहना है कि एसडीएम/एडीएम, डीएम ने न तो कोई जांच की है और न ही मौके पर जाकर बेचने वालों के बयान दर्ज कराए गए हैं। निर्देश दिए गए कि एसडीएम 100 फीसदी मौके पर जाकर जांच करें। एसडीएम की जांच रिपोर्ट पर एडीएम 50 प्रतिशत बेचने वालों से मौके पर जांच कर क्रास चेक करें। दस फीसदी प्रकरणों की जांच जिलाधिकारी स्वयं करते हुए एसडीएम/एडीएम की जांच रिपोर्ट पर अपनी आख्या व संस्तुति के साथ भेजेंगे। निर्देश दिए गए कि जमीन बेचने वालों के वर्ष 2012 से 2015 तक के बैंक इस्टेटमेंट प्राप्त कर भेजेंगे। जिनके खाते में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस से संबंधित भूमि अधिग्रहण के बाद धनराशि हस्तानांतरित की गई है। एक्सप्रेस वे की जांच कर रिपोर्ट 25 जुलाई तक प्रेषित कर दी जाए।
जांच के बिंदु
पुष्टि के लिए बेचने वालों के लिखित बयान, पुष्टि में संबंधित ग्राम प्रधान की मोहर सहित स्थानीय निवासी/किसान होने का प्रमाण पत्र, आर्थिक स्थिति की पुष्टि के लिए ग्राम प्रधान के समक्ष लिया गया बयान/पुष्टि व आधार का विवरण दिया जाए, बैंक इस्टेटमेंट, संबंधित ग्राम प्रधान के प्रमाण पत्र सहित बयान। सर्किल रेट की वर्ष 2012, 2013, 2014, 2015 की सत्यापित छायाप्रतियों को भी उपलब्ध कराए।
वर्जन
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस की सरकार के निर्देश पर पूर्व में बिंदुवार जांच कराई गई थी। उस दौरान कुछ मामला छिबरामऊ तहसील में निकलकर सामने आया था। मुख्य कार्यपालक की ओर से मांगी गई रिपोर्ट का निर्देश अब तक नहीं आया है। शासन के निर्देश के आधार पर प्रकरण को गंभीरता को देखते हुए जल्द ही जांच कराकर रिपोर्ट भेजी जाएगी। - जगदीश प्रसाद, जिलाधिकारी कन्नौज