कन्नौज। कलक्ट्रेट परिसर के पास स्थित विकास भवन में संचालित विभिन्न सरकारी दफ्तरों को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। अब विकास भवन में बैठने वाले 21 विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कार्यालय का किराया चुकाना होगा। प्रभारी जिला विकास अधिकारी राजकुमार लोधी ने कार्यभार संभालते ही बुधवार को सभी संबंधित विभागों को पत्र जारी कर दिया है।
प्रभारी डीडीओ के निर्देशानुसार, विकास भवन में जगह का उपयोग करने के बदले 10 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से मासिक किराया तय किया गया है। प्रत्येक विभाग को अपने कार्यालय के कुल क्षेत्रफल के हिसाब से यह राशि 15 दिनों के भीतर जिला विकास विभाग के खाते में जमा करानी होगी। इसके साथ ही, सभी कार्यालयों को अपना अलग बिजली कनेक्शन भी लेना होगा। इस नए फरमान से विकास भवन के अधिकारियों में खलबली मच गई है।
वर्तमान में इन 21 विभागों में कई अधिकारी व कर्मचारी कार्यरत हैं। कई विभागीय अधिकारियों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि उनके बजट में कार्यालय के किराये के लिए कोई अलग से सरकारी प्रावधान या राशि नहीं आती है। इस आपत्ति पर विकास विभाग का रुख सख्त है। अधिकारियों से दो टूक कहा गया है कि वह अपने-अपने मुख्यालयों से किराए के बजट की मांग करें। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर किराया नहीं चुकाया गया, तो विभागों को विकास भवन से अपना बोरिया-बिस्तर समेटना पड़ सकता है यानी कार्यालय खाली करने की नौबत आ सकती है। सीडीओ राजेंद्र कुमार श्रीवास का कहना है कि विकास भवन के रखरखाव व अन्य खर्चों के लिए सभी विभागों से किराया मांगा गया है, जिससे भवन में कोई भी कार्य कराने में परेशानी नहीं हो। बिजली बिल के लिए भी अलग से कोई बजट नहीं मिलता है, इसलिए सभी से अलग कनेक्शन लेने के लिए कहा गया है।
बिजली कनेक्शन अलग लेना होगा, गमले भी रखने होंगे
21 विभागों के अधिकारियों पर किराया ही नहीं लगाया गया है, बल्कि उनको बिजली कनेक्शन भी अलग लेना होगा। विकास भवन में अभी तक जिला विकास अधिकारी के नाम से बिजली का एक ही कनेक्शन है और उसी से सभी विभागों का काम चल रहा है। जिला विकास अधिकारी ने अपने कनेक्शन से बिजली देने से भी इंकार कर दिया। सभी विभागों को अलग कनेक्शन लेना होगा और ऐसा नहीं करने पर बिजली कट सकती है। वहीं सभी को अपने कार्यालयों के बाहर दस-दस गमले भी रखने होंगे।