कन्नौज। तिर्वा विधानसभा सीट से विधायक कैलाश राजपूत को योगी मंत्री मंडल में जगह मिलने के बाद अब उन्हें राज्यमंत्री के तौर पर ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभाग ऐसा है, जिससे सीधे आम जनता जुड़ी रहती है। ऐसे में मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती कम समय में बिजली व्यवस्था को सुधारकर जनता का भरोसा मजबूत करते हुए असली परीक्षा में पास होना।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का कार्यकाल अब करीब 10 महीने ही बचा है। ऐसे में ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग संभालने की जिम्मेदारी उठा चुके राज्यमंत्री कैलाश राजपूत के पास काम दिखाने के लिए काफी कम समय माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऊर्जा विभाग हमेशा संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि बिजली व्यवस्था का असर गांव से शहर तक हर घर पर पड़ता है। जनता को राहत देने के लिए सप्लाई व्यवस्था, ट्रांसफार्मर क्षमता और फाल्ट सुधार जैसी समस्याओं पर तेजी से काम करना होगा।
ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत ने भी क्षेत्रवासियों को भरोसा दिलाया है कि जल्द ही विभागीय बैठक कर कस्बे की प्रमुख समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। बिजली आपूर्ति में सुधार लाने के लिए क्षेत्र के साथ साथ पूरे प्रदेश में काम किया जाएगा।
ऊर्जा विभाग के सामने बड़ी चुनौतियां
गर्मी में बढ़ती बिजली खपत
लो वोल्टेज और कटौती की शिकायतें
ओवरलोड से फाल्ट की घटनाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सप्लाई
ट्रांसफार्मर और जर्जर लाइनों का दबाव
कम समय में जनता को राहत देने की चुनौती
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