सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसेरन से रेफर की गई प्रसूता ने रास्ते में बच्चे को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स रुपये की मांग करती है। क्षेत्र के ग्राम अरूहो निवासी समर पाल की पत्नी प्रीती को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे आशा मनोरमा के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसेरन ले गए।
रात 12 बजे वहां तैनात स्टाफ नर्स ने उसे रेफर कर दिया। ऐसे में परेशान परिजन किसी तरह उसे प्राइवेट अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसे प्रसव हो गया। इससे परिजनों ने किसी तरह इस सर्दी के मौसम में प्रसूता व नवजात को संभाला। प्रसूता के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्सें रुपये की मांग करती हैं। उन्हें जब पैसा नहीं मिलता है तब प्रसूताओं को रेफर कर देती हैं।
उधर, कई आशाओं मनोरमा, नेहा, सुनीता, सुमन आदि का कहना है कि वह लोग मरीज लेकर अस्पताल जाते हैं तो उनका इलाज भी नहीं किया जाता। उन्हें प्राइवेट अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। उधर इस संबंध में जब अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.जेपी सलोनिया से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने घंटी जाने के बाद भी मोबाइल रिसीव नहीं किया।