कन्नौज। मनरेगा में अधिक मानव दिवस सृजित कर श्रमिकों को भुगतान देने की शिकायत पर जांच के बाद कार्रवाई तय हो गई है। डीसी मनरेगा ने मंगलवार को प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से रिकवरी कराने के आदेश खंड विकास अधिकारी को दिए हैं।
मनरेगा में पति और पत्नी का जाॅबकार्ड एक हाेने का नियम है। साथ ही प्रति परिवार को 100 मानव दिवस देने का प्रावधान है। सौरिख ब्लाॅक की ग्राम पंचायत जाफराबाद में दंपतियों को नियम के विरुद्ध मजदूरी दे दी गई। यहां पति और पत्नी को अलग मजदूरी दे दी। वर्ष 2022-23 और 2023-24 में कुल 500 दिन की मजदूरी दे दी। इस पर गांव के आलोक कुमार ने डीएम, डीसी मनरेगा समेत अन्य अधिकारियों से शिकायत की।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एडीओ पंचायत अतुल मिश्र ने जांच की। जांच में मामला सही पाए जाने पर डीसी मनरेगा दिनेश कुमार यादव ने बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता को पत्र भेजकर प्रधान ऊषा देवी, तकनीकी सहायक संजीवन और कार्यकाल के दौरान तीन सचिव से रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं। वर्ष 2022-23 और 2023-24 में सचिव सूरज पटेल, राज विक्रम और अनुज मिश्र सचिव थे। विभाग के अनुसार सचिव से तिहाई (तीन गुणा) रिकवरी की जाएगी। बाकी रिकवरी प्रधान और तकनीकी सहायक से होगी।
ग्राम प्रधान ऊषा देवी ने बताया कि पिछले कार्यकाल में इन दंपतियों के जाॅब कार्ड बने थे। उन्हीं के कार्यकाल से मानव सृजित होते आए हैं। उन्होंने भी मानव सृजित किए थे। शिकायतकर्ता आलोक कुमार चुनाव की रंजिश मानते हैं। इसलिए शिकायतें कर रहे हैं। शिकायतों की वजह से पिछले दो वर्ष से वह मनरेगा कार्य नहीं कर रहे हैं। डीसी मनरेगा दिनेश कुमार यादव ने बताया कि प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक से रिकवरी के लिए खंड विकास अधिकारी को पत्र लिखा गया है।