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नहीं मिली 102 एंबुलेंस, बोलेरो में प्रसव

Wed, 09 Nov 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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doctor shimla
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विकास खंड तालग्राम के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव पीड़ा से कराहती  गर्भवती को डाक्टर के गैर हाजिर मिलने पर स्टाफ नर्स ने कई घंटे अस्पताल में भर्ती रखा। हालत बिगड़ने पर मेडिकल कालेज और दूसरे अस्पताल ले जाने की राय दी। मांगने पर भी अस्पताल ने प्रसूता को 102 नंबर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं कराई। परिजन गर्भवती को ग्राम प्रधान के निजी वाहन से तिर्वा ले जा रहे थे। तभी रास्ते में प्रसव हो गया। परिजनों ने जच्चा-बच्चा को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। परिजनों के अलावा ग्राम प्रधान ने भी स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की शिकायत फोन से अधिकारियों से की।
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बिरौली गांव निवासी आदेश कुमार प्रजापति ने बताया कि उसकी पत्नी सत्यवती को सोमवार की शाम प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। वह उसे निजी वाहन से सीएचसी तालग्राम लेकर आया था। वहां कोई डाक्टर नहीं मिला। अस्पताल में मौजूद एक स्टाफ नर्स ने प्रसव कराने के नाम पर सुविधा शुल्क मांगा। पैसे देने के बाद उसकी पत्नी को बेड मुहैया करा दिया। दवा आदि लेकर प्रसव कराने का प्रयास करने लगीं। कई घंटे तक गर्भवती का प्रसव नहीं हुआ और उसकी पत्नी प्रसव पीड़ा से परेशान रही।

हालत बिगड़ती देख सूचना पर कोई डाक्टर अस्पताल नहीं पहुंचा। नर्स ने मंगलवार की सुबह पांच बजे गर्भवती को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा। परिजनों ने 108 नंबर एंबुलेंस की मांग की, लेकिन तिर्वा जाने के लिए एंबुलेंस चालक तैयार नहीं हुआ। वह सीएचसी गुरसहायगंज ले जाने की बात कहता रहा। मजबूरी में गांव के प्रधानपति मेघनाथ की बोलेरो से तिर्वा ले जा रहे थे, तभी बोलेरों में प्रसव हो गया। एक नवजात बच्ची को जन्म दिया। पति आदेश ने बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से लापरवाही की शिकायत की है। वह डीएम से शिकायत करेगा।
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वह गर्भवती को लेकर स्वयं सीएचसी साथ गई थी। सीएचसी में कोई भी डाक्टर नहीं था। जिससे स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर होती है। वह उच्चाधिकारियों से वार्ता करेंगी और कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत करेंगी। कुछ दिनों में सुधार न दिखा तो सीएम को पत्र लिखेंगी।
- मालती देवी (ग्राम प्रधान बिरौली)

उनके संज्ञान में रास्ते में प्रसव होने की जानकारी नहीं है। फिर भी वह पूरे मामले की जांच कराएंगे। स्टाफ के दोषी मिलने पर कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
- अजय यादव (एमओआईसी, तालग्राम)

इससे पहले भी कई गर्भवती की बिगड़ी है हालत
अमोलर। फिरोजपुर गांव निवासी विकास ने अपनी पत्नी रूबी को विगत माह प्रसव के लिए अस्पताल लेकर आया था। 24 घंटे से अधिक समय तक अस्पताल में रखने के बाद उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। वह रूबी को अस्पताल से नर्सिंग होम लेकर गया था। जहां नवजात की मौत हो गई थी। इसी क्रम में कस्बा तालग्राम के गांधी नगर मोहल्ला निवासी कल्लू् उर्फ रिजवान की पत्नी परवीन बेगम प्रसव के लिए विगत माह भर्ती कराया गया। जहां जच्चा-बच्चा ही हालत बिगड़ने पर दोनों को तिर्वा मेडिकल कालेज रेफर किया गया था। मेडिकल कालेज पहुंचने से पहले ही परवीन बेगम की मौत हो गई थी।
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